
'बोर्ड ऑफ पीस' की लॉन्चिंग से भारत की दूरी, तो ट्रंप से चिपके रहे शहबाज... क्या है ये डिप्लोमेसी
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पीस बोर्ड पर साइन करने वाले देशों में अमेरिका, बहरीन, मोरक्को, अर्जेंटीना, आर्मेनिया, अजरबैजान, बेल्जियम, बुल्गारिया, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, जॉर्डन, कजाकिस्तान, कोसोवो, मंगोलिया, पाकिस्तान, पराग्वे, कतर, सऊदी अरब, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और उज्बेकिस्तान हैं. इस तरह बोर्ड में आठ इस्लामिक देश शामिल हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान गुरुवार को बोर्ड ऑफ पीस को लॉन्च किया. इस दौरान 22 देशों ने औपचारिक रूप से इस बोर्ड की साइन सेरेमनी में हिस्सा लिया. इस मंच पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ यूएस राष्ट्रपति ट्रंप के साथ नजर आए लेकिन भारत ने इस मंच से दूरी बनाए रखी. इससे कई सवाल खड़े हो गए हैं.
दावोस में आयोजित यह समारोह पूरी तरह से योजनाबद्ध और प्रतीकात्मक था. ट्रंप के साथ कई मुल्कों के प्रमुख मंच पर नजर आए. एक-एक कर सभी ने बोर्ड ऑफ पीस के चार्टर पर साइन किए. इस दौरान शहबाज शरीफ, ट्रंप के दाईं ओर बैठे नजर आए. उन्होंने ट्रंप से हाथ मिलाया और इस बीच उन्हें ट्रंप के कान में फुसफुसाते भी देखा गया.
भारत उन कई बड़े देशों में शामिल था, जो इस बोर्ड के औपचारिक गठन के समय मौजूद नहीं था जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसमें शामिल होने का निमंत्रण दिया गया था. इस मामले से जुड़े जानकार ने बताया कि भारत ने ना तो इस प्रस्ताव को स्वीकार किया और ना ही औपचारिक रूप से ठुकराया.
अमेरिका की ओर से हफ्तों तक चले कूटनीतिक प्रयासों के बाद 20 से ज्यादा देशों ने इस चार्टर पर हस्ताक्षर किए. हालांकि फ्रांस, ब्रिटेन, चीन और जर्मनी जैसे अहम देश भी इस कार्यक्रम से दूर रहे.
भारत ने न्योते पर विचार किया, पाकिस्तान ने सदस्यता ली

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