
बांग्लादेश का 'चुनावी दंगल'!12 करोड़ वोटर तय करेंगे देश की तकदीर, इस्लामिक दलों और BNP में है मुकाबला
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बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले 13वें आम चुनाव के लिए प्रचार शुरू हो गया है. अवामी लीग पर प्रतिबंध के कारण बीएनपी 288 उम्मीदवारों के साथ मुख्य दावेदार है. इस्लामिक आंदोलन और जमात-ए-इस्लामी ने भी भारी संख्या में प्रत्याशी उतारे हैं.
बांग्लादेश में 13वें आम चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. 21 जनवरी से देशभर में सभी राजनीतिक दलों ने औपचारिक रूप से चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है. इसी दिन नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया पूरी हुई और उम्मीदवारों की अंतिम सूची भी जारी कर दी गई.
12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 288 कैंडिडेट उतारे हैं. शेख हसीना की अवामी लीग पर लगे प्रतिबंध के कारण बीएनपी को जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा है.
बांग्लादेश चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस्लामिक आंदोलन बांग्लादेश पार्टी ने 253 उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि 249 निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. जमात-ए-इस्लामी ने 224, जातीय पार्टी ने 192 उम्मीदवार खड़े किए हैं
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इसके अलावा गण अधिकार परिषद के 90, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ बांग्लादेश के 65 और इंसानियत बिप्लब बांग्लादेश के 42 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. कट्टरपंथी संगठन बांग्लादेश खिलाफत मजलिस के 34 उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे. जमात-ए-इस्लामी के साथ गठबंधन में उतरी नेशनल सिटीज़न पार्टी ने 32 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं.
वहीं जमात-ए-इस्लामी के साथ गठबंधन कर मैदान में उतरी नेशनल सिटीज़न पार्टी के 32 उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे. 12 फरवरी को होने वाले मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक, बांग्लादेश में कुल 12 करोड़ 76 लाख पंजीकृत मतदाता हैं. विदेशों में रहने वाले मतदाताओं के लिए 122 देशों में 7.28 लाख पोस्टल बैलेट भेजे गए हैं. बुधवार से सभी दल पूरे जोर-शोर से चुनाव प्रचार में जुट गए हैं.

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