
Chardham Yatra 2022: दो लाख से अधिक भक्तों ने किए दर्शन, 10 लाख रजिस्ट्रेशन... टूट रहे सब रिकॉर्ड
AajTak
Chardham Yatra 2022: एक सप्ताह पहले शुरू हुई चारधाम की यात्रा कर अब तक 2 लाख से अधिक भक्त दर्शन कर चुके हैं. वहीं यात्रा के लिए 10 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. श्रद्धालुओं की बढ़ रही संख्या को देखते हुए पुलिस सख्ती लागू करने की तैयारी में है.
Chardham Yatra 2022: चारधाम यात्रा की शुरुआत में ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. दर्शन के लिए आने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. केदारनाथ धाम में सबसे ज्यादा लोगों का आना जारी है. चारधाम यात्रा शुरू होने के पहले सप्ताह में ही करीब 2 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं. केदारनाथ में बढ़ रही भीड़ को देखकर पुलिस ने भी सख्ती बरतनी शुरू कर दी है. यात्रा के लिए अब तक 10 लाख से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है.
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू हुए मात्र एक सप्ताह का समय ही हुआ है. अब तक 2 लाख के करीब लोग यहां दर्शन कर चुके हैं. इस एक सप्ताह में लगभग 10 लाख लोग यात्रा के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं. दूसरी तरफ बड़ी संख्या में यात्रियों के पहुंचने से व्यवस्थाएं फेल होती नजर आ रही हैं. हालांकि प्रशासन कई तरह के दावे कर रहा है.
यह भी पढ़ेंः चारधाम की यात्रा से पहले जान लें स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी, श्रद्धालुओं का फिट होना जरूरी
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर की मानें तो उन्हें उम्मीद थी कि इस बार इसी तरह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे. उसी तरह से प्रशासन ने भी व्यवस्था की हुई है. पर्यटन सचिव जावलकर ने कहा कि धाम के कपाट खुलते समय हमेशा की तरह श्रद्धालु अपेक्षा से ज्यादा पहुंचते हैं, लेकिन फिर बीतते समय के साथ-साथ यात्रियों की संख्या कम होने लगती है. यात्रियों को लेकर पर्यटन सचिव ने कहा कि यात्रा मार्ग से लेकर धामों तक व्यवस्था सुदृढ़ हो सके, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं.
यह भी पढ़ेंः केदारनाथ: चार दिन में चार तीर्थ यात्रियों की मौत, उठे सवाल
चारधाम यात्रा पर अब मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा है. जानकारी के अनुसार, अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है. चारों धामों में सबसे ज्यादा भीड़ केदारनाथ धाम में उमड़ रही है. हेलीपैड से ही मंदिर के लिए लाइन में लोग खड़े हो रहे हैं. पैदल रास्तों में भीड़ अधिक होने से कभी कोई भी अनहोनी की आशंका रहती है. इसके लिए अब पुलिस सख्ती करने जा रही है.

इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है, इस युद्ध के चलते भारत में भी ऊर्जा संकट पैदा हो रहा था, इसी संकट को लेकर पीएम मोदी ने आज संसद में पहली बार सार्वजनिक तौर पर बयान दिया. पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच दी उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए. बातचीत से ही समस्या का समाधान है. पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं. होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा ‘सरकार की कोशिश है कि देश में तेल-गैस संकट न हो. इसके लिए 27 की जगह अब 41 देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं. पश्चिम एशिया में एक करोड़ भारतीय रहते हैं. उनकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.

हैदराबाद में आगामी रामनवमी शोभा यात्रा को लेकर गोशामहल के विधायक टी. राजा सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि साल 2010 से लगातार शोभा यात्रा आयोजित की जा रही है, लेकिन हर साल पुलिस की ओर से बाधाएं खड़ी की जाती हैं. उनका आरोप है कि सिदंबर बाजार, पुराना पुल और बेगम बाजार जैसे इलाकों में विशेष रूप से लाठीचार्ज के लिए टास्क फोर्स तैनात की जाती है. साथ ही उन्होंने दावा किया कि हर साल उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाती है और इस बार भी पुलिस अपनी गलतियों का ठीकरा उन पर फोड़ सकती है.

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में लोगों ने ईरान के समर्थन में सोना, चांदी और नकद दान किया. यह कदम पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है. लोग एक जगह इकट्ठा होकर मदद के लिए आगे आए. बडगाम के विधायक मुंतज़िर मेहदी ने भी एक महीने की सैलरी दान करने की घोषणा की. यह घटना दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर दूर तक हो रहा है और लोग इंसानियत के लिए साथ खड़े हो रहे हैं.










