
BMC Election Result: क्या भांडुप-कांजुरमार्ग से तय होगा मुंबई का 'असली बॉस'? मिल रहे ये संकेत
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भांडुप और विक्रोली में दमदार वोटिंग से कई संकेत मिल रहे हैं. विश्लेषकों के मुताबिक, बंपर वोटिंग से इशारा मिल रहा है कि मराठी अस्मिता और सहानुभूति लहर के कारण उद्धव गुट का पारंपरिक वोटर आक्रामक होकर बाहर निकला हो.
महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों में काउंटिंग चल रही है. सभी की नजरें देश की सबसे अमीर नगर पालिका, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के नतीजों पर टिकी हैं. शुरुआती रुझानों में महायुति गठबंधन आगे चल रहा है. इस बीच वोटिंग पैटर्न कुछ और ही इशारा कर रहा है.
BMC में कल मतदान 53 से 55 प्रतिशत के आसपास रहा. सबसे दिलचस्प बात है कि वार्ड 109-112 (S वार्ड-भांडुप/कांजुरमार्ग) में वोटिंग 54% से 61% के बीच रही, जो मुंबई के औसत (52.94%) से काफी अधिक है.
पॉश इलाकों यह रहा हाल कुछ दक्षिण मुंबई और पॉश इलाकों जैसे कोलाबा या मालाबार हिल के कुछ हिस्से में मतदान का प्रतिशत 45-48% के आसपास रहा है.
वार्ड 109 से 112 का क्षेत्र (भांडुप, कांजुरमार्ग, विक्रोली) मुख्य रूप से मराठी भाषी मध्यवर्गीय और श्रमिक वर्ग का गढ़ है. यहां बड़ी संख्या में 'मराठी मानुस' रहते हैं, जो पारंपरिक रूप से शिवसैनिक माने जाते रहे हैं.
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यहां कन्नमवार नगर, हनुमान नगर और तानाजी वाड़ी जैसे बड़े रिहायशी इलाके हैं, जहां स्लम और पुरानी चॉल की संख्या अधिक है. मुंबई में ऊंची इमारतों के मुकाबले स्लम और चॉल में रहने वाला वोटर अधिक संख्या में बाहर निकलता है.

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