
BSF रिपोर्ट से खुलासा: पाक ISI के 'ऑपरेशन परिंदा' की घटनाओं में 3 गुना इजाफा, सबसे ज्यादा पंजाब में बढ़ी है घटनाएं
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आजतक के हाथ लगी बीएसएफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जहां पिछले साल 2021 में 104 ड्रोन की घटनाएं इंटरनेशनल बॉर्डर पर हुई थीं, तो वहीं इस साल अब तक यह बढ़कर 311 हो गई हैं और इस साल अकेले पंजाब में 258 बार ड्रोन एक्टिविटी इंटरनेशनल बॉर्डर पर हुई है.
भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर पर इन दिनों ड्रोन एक बहुत बड़ी समस्या बनता जा रहा है. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई 'ऑपरेशन परिंदा' के तहत सीमा के उस पार से ड्रोन के जरिए ड्रग्स और हथियार भेजने में अमादा है. भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की एक रिपोर्ट से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल की अपेक्षा इस साल ड्रोन एक्टिविटी में सीमा के उस पार से 3 गुना इजाफा हुआ है. आजतक के हाथ लगी बीएसएफ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जहां पिछले साल 2021 में 104 ड्रोन की घटनाएं इंटरनेशनल बॉर्डर पर हुई थीं, तो वहीं इस साल अब तक यह बढ़कर 311 हो गई हैं और इस साल अकेले पंजाब में 258 बार ड्रोन एक्टिविटी इंटरनेशनल बॉर्डर पर हुई है. यानी सबसे ज्यादा ड्रोन के जरिए हथियार और ड्रग्स भेजने की साजिश पाकिस्तान की तरफ से पंजाब इंटरनेशनल बॉर्डर पर की गई है. हालांकि बीएसएफ ने इस 1 साल में लगभग 25 ड्रोन को सीमा पर ही मार गिराया और यह तब संभव हुआ जब बीएसएफ की ड्रोन हंटिंग टीम अपनी अलर्टनेस दिखाते हुए इन ड्रोन को सरहद पर ही ढेर कर दिया. यही नहीं बीएसएफ से मिली जानकारी के मुताबिक 2020 से 2022 तक 492 बार बीएसएफ ने बॉर्डर पर ड्रोन एक्टिविटी देखी यानी 2020 की अपेक्षा ड्रोन एक्टिविटी 4 गुना ज्यादा बढ़ गई.
जो बीएसएफ की रिपोर्ट आजतक के आपस मौजूद है, उसके मुताबिक पिछले 3 सालों यानी 1 जनवरी 2020 से 23 दिसंबर 2022 तक भारत-पाकिस्तान सीमा पर 492 बार ड्रोन एक्टिविटी देखी गई. जिसमें सबसे ज्यादा ड्रोन एक्टिविटी 2022 में भारत-पाकिस्तान सीमा पर बीएसएफ के जवानों ने देखी. रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 6 महीने में यानी इस साल 10 जुलाई 2022 से 23 दिसंबर 2022 तक 206 बार ड्रोन ऑब्जरवेशन बीएसएफ की अलर्ट टीम ने भारत पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर पर देखा है. वहीं अगर पंजाब की बात करें तो पिछले 6 महीने में ड्रोन एक्टिविटी अबोहर सेक्टर में 22 बार, अमृतसर सेक्टर में 60 बार, फिरोजपुर सेक्टर में 55 बार और गुरदासपुर सेक्टर में 39 बार देखने को मिली है. इस तरीके से पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए हथियार भेजने की साजिश यह इशारा करती है कि पाकिस्तान आतंकी भेजने की अपनी नापाक साजिश में इस समय कहीं भी सफल नहीं हो रहा है. यही वजह है कि वह उड़ते परिंदे के जरिए ड्रग्स और हथियार भेजकर सीमा में साजिश रच रहा है.
BSF की ड्रोन हंटिंग टीम तैनात, पाक की ड्रोन वाली चाल पर पैनी नजर
पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान की तरफ से भारत के खिलाफ ड्रोन वाली साजिश रची जा रही है. उसकी सेना और आतंकियों ने आईएसआई के कहने पर ड्रोन के जरिए हथियारों, ड्रग्स और स्टिकी बम भेजने में लगे हुए हैं. पाकिस्तान की इस चाल को नाकाम करने के लिए बॉर्डर सिक्युरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने इंटरनेशनल बॉर्डर और LOC पर मोबाइल हंटिंग टीम तैनात कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक इस टीम में पूरा एक टेक्निकल विंग होगा जो ड्रोन एक्टिविटी के इनपुट्स के आधार पर एक्शन कर रही है. मकसद यही है कि सीमा पर कोई भी दुश्मन ड्रोन अगर नजर आए तो उसको वहीं पर ध्वस्त कर देना है.
ड्रोन को लेकर क्या है खुफिया जानकारी?
आजतक को एजेंसियों के हवाले से खबर मिली है कि पाकिस्तान ड्रोन से हथियार और ड्रग्स भेजने के लिए ISI ने कई ड्रोन सेंटर LOC और इंटरनेशनल बॉर्डर पर तैयार किए हैं. यही नहीं भारतीय सुरक्षाबलों को चकमा देने के लिए 'डमी ड्रोन' में हथियार और विस्फोटक उतारने का प्लान तैयार किया है. यानी एक ड्रोन में हथियार और दूसरे ('डमी ड्रोन') सुरक्षाबलों को चकमा देने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. BSF सूत्रों के मुताबिक GPS कंट्रोल ड्रोन का ज्यादा इस्तेमाल करने में जुटे पाकिस्तान के आकाओं के लिए ड्रोन हंटिंग टीम तैयार की गई है. आपको बता दें कि हाल ही में भारतीय खुफिया एजेंसियों ने एक चैटरिंग डिकोड किया था, जिसमे पाकिस्तान, जम्मू और पंजाब के इंटरनेशनल बॉर्डर कठुआ, सांबा और हीरानगर, फिरोजपुर, गुरुदासपुर, अमृतसर, अबोहर सेक्टर से हथियार भेजने के लिए जिन ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है, उसके लिए बकायदे कोड वर्ड 'परिंदा' प्रयोग किया जा रहा है. भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान की ड्रोन भेजने वाली चाल की रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी थी. आजतक को बीएसएफ के सूत्रों ने बताया है कि बीएसएफ बॉर्डर पर दर्जन भर जगहों पर एंटी ड्रोन सिस्टम और ड्रोन हंटिंग टीम से लैस किया गया है. जिसमे सबसे ज्यादा पंजाब सेक्टर शामिल है.

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