
बर्फबारी न हुई तो करेंगे तपस्या, उत्तराखंड के इस गांव ने लिया प्रण... 7 दिन में मांगी बारिश
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उत्तराखंड के पहाड़ इस बार बर्फबारी और बारिश के लिए तरस रहे हैं. पिछले साल दिसंबर में भी प्रदेश में खास बारिश या बर्फबारी नहीं हुई. पहाड़ों पर इस कमी के चलते देवभूमि के लोग अब आस्था का सहारा ले रहे हैं. गांव में लोगों ने देवताओं से एक हफ्ते के भीतर बारिश और बर्फबारी की प्रार्थना की है.
उत्तराखंड में सूखे की मार झेल रहे पहाड़ों में लोग बारिश के लिए अब आस्था का सहारा ले रहे हैं. चमोली जिले के दूरस्थ और नंदा देवी राजजात यात्रा के मुख्य पड़ाव वाण की लोगों ने सामूहिक रूप से भगवान से प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की प्रार्थना की है. ग्रामीणों ने लाटू देवता और मां नंदा देवी से मन्नत मांगी है.
गांव वालों का कहना है कि देवभूमि उत्तराखंड बर्फबारी और बारिश के लिए तरस रहा है. लोगों ने एक हफ्ते के अंदर बारिश भगवान से बारिश मांगी है. अगर एक हफ्ते के भीतर बारिश नहीं होती, तो गांव वाले लाटू देवता मंदिर, वाण की शरण में जाकर ध्यान-साधना में लीन हो जाएंगे. गांव वाले बारिश होने तक वहीं तपस्या करेंगे. गांव वालों को उम्मीद है कि देवता उनकी पुकार जरूर सुनेंगे और पूरे उत्तराखंड की मदद करेंगे. लोग भगवान में अपनी आस्था बनाए हुए है.
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वाण गांव के सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह बिष्ट बताते हैं कि पूरे प्रदेश में लंबे समय से बारिश और ऊंचाई वाले पहाड़ों में बर्फबारी नहीं हुई है. पहाड़ में सूखा पड़ गया है ऐसे में हम लोगों ने एक हफ्ते के भीतर मां नंदा और लाटू देवता से बारिश और बर्फबारी की कामना की है. अगर एक हफ्ते में बारिश और बर्फबारी नहीं होती है, तो सारे ग्रामीण लाटू देवता के मंदिर में शरण लेने पहुंच जाएंगे, और ध्यान साधना में लीन हो जाएंगे.
22 जनवरी से होगी बर्फबारी
मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के मुताबिक, दिसंबर में भी उत्तराखंड में बर्फबारी में भारी कमी देखने को मिली है, लेकिन अब एक पश्चिमी विक्षोभ पहले ही ऊंचे पर्वतीय इलाकों को प्रभावित करने के लिए आगे बढ़ चुका है. करीब 12,000 फीट से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में जल्द ही बारिश और बर्फबारी हो सकती है. 22 जनवरी से उत्तर भारत के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में बारिश और बर्फबारी देखने को मिल सकती है.

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