
America में फिर भारतीय मूल के छात्र की गई जान, लगातार मौतों से खड़े हो रहे सवाल
AajTak
अमेरिका में एक के बाद एक हो रही भारतीय छात्रों की मौतों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. कुछ मामलों में भारतीय छात्रों पर हमले हुए हैं तो वहीं कुछ मामले ऐसे भी हैं, जिसमें मौत संदिग्ध बनी हुई है. ऐसे केस सामने आने के बाद अब अमेरिका का भारतीय समुदाय चिंतित हो गया है.
अमेरिका में भारतीय मूल के छात्रों की मौत के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं. अब US के बोस्टन में एक भारतीय मूल के छात्र की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई है. हालांकि, शुरुआती जांच में कुछ भी गड़बड़ी नहीं मिली है. लेकिन फिर भी लगातार अलग-अलग मामलों में हो रही भारतीय छात्रों की मौत से कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
बोस्टन में जिस भारतीय छात्र की मौत हुई है, उसका नाम अभिजीत पारुचुरू (20) है. मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले अभीजीत के माता-पिता अमेरिका के कनेक्टिकट (Connecticut) में ही रहते हैं और सीधे अमेरिकी और भारतीय दूतावास के अधिकारियों के संपर्क में हैं. बताया जा रहा है कि पारुचुरु का का अंतिम संस्कार उनके गृहनगर तेनाली में किया जा चुका है. अमेरिका में काम करने वाले NGO टीम एड ने पारुचुरू के पार्थिव शरीर को भारत लाने में मदद की है.
US का भारतीय समुदाय चिंतित
साल 2024 की शुरुआत से लेकर अब तक अमेरिका में भारतीय मूल के करीब आधा दर्जन से ज्यादा छात्रों की अलग-अलग कारणों से मौत हो चुकी है. इनमें से कई मामले ऐसे भी हैं, जिनमें भारतीय छात्रों को निशाना बनाते हुए उन पर हमला किया गया है. भारतीय मूल के छात्रों पर बढ़ते हमलों को लेकर अमेरिका में रह रहा भरतीय समुदाय चिंतित है.
भारतीय मूल के छात्रों पर बढ़े हमले
1. मार्च में भारत के 34 वर्षीय क्लासिकल डांसर अमरनाथ घोष की मिसौरी के सेंट लुइस में गोली मारकर हत्या कर दी गई. वह वाशिंगटन विश्वविद्यालय का छात्र था. घोष बंगाल से अमेरिका पहुंचे थे, उन्हें कई बार गोली मारी गई थी.

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता अभी भी कायम है. दावोस में दिए अपने भाषण में उन्होंने डेनमार्क को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि वह एहसानफरामोश निकला, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड को दिया था, लेकिन अब डेनमार्क इसका सही उपयोग नहीं कर रहा है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और वह इसे लेना चाहते हैं.

'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.










