
AAP की मांग के बाद भी राज्यसभा में अपनी आवाज बुलंद कर सकते हैं राघव चड्ढा, उनके पास हैं ये चार ऑप्शन
ABP News
AAP ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र भेजकर आग्रह किया है कि सांसद राघव चड्ढा को बोलने के लिए पार्टी के कोटे में से समय आवंटित न करें. इसके बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि फिर चड्ढा सदन में कैसे अपनी बात रखेंगे.
आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को चिट्ठी भेजकर कहा है कि वह सांसद राघव चड्ढा को बोलने के लिए पार्टी के कोटे में से समय आवंटित न करें. ऐसे में अब यह सवाल उठ रहे हैं कि भविष्य में संसद के सत्रों के दौरान चड्ढा अपनी बात या किसी भी विषय पर कैसे बोलेंगे?
सबसे पहले तो आपको यह बता दें कि लोकसभा या राज्यसभा सचिवालय, सदन में राजनीतिक दलों के संख्याबल के आधार पर उन्हें बोलने के लिए समय आवंटित करता है. अगर किसी विषय पर घंटों बहस का निर्णय हो तो उसमें से कौन सी पार्टी को कितना समय अलॉट होगा, इसका फैसला सचिवालय करता है.
वहीं अमुक विषय पर कौन बोलेगा, इसकी सूची पार्टी की ओर से सचिवालय को उपलब्ध कराई जाती है.
अब सवाल है कि अगर पार्टी ही सचिवालय से यह आग्रह कर दे कि किसी संसद सदस्य को उसके कोटे में से समय आवंटित न किया जाए तो ऐसी परिस्थिति में क्या होगा?

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