
मध्य प्रदेश विधानसभा में घटती जा रही कांग्रेस विधायकों की संख्या, जीतू पटवारी की बढ़ रहीं मुश्किलें!
ABP News
मध्य प्रदेश में जून 2026 में राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है. इससे पहले कांग्रेस के विधायकों की संख्या कम होती जा रही है. इस मामले ने कांग्रेस और जीतू पटवारी की चिंता बढ़ा दी है.
मध्य प्रदेश में बीते कुछ समय में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए संकट के बादल छंटने का नाम नहीं ले रहे हैं. इस साल जून में राज्य में तीन सीटों पर राज्यसभा चुनाव होने हैं. इससे पहले कांग्रेस की एक विधायक के बारे में माना जा रहा है कि वह भारतीय जनता पार्टी के साथ चलीं गईं हैं वहीं दो अन्य विधायकों में से एक वोट नहीं कर सकता है और तीसरे को तीन साल की सजा हो गई है. ऐसे में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती दिख रहीं हैं.
वर्ष 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में 66 सीटें जीतने वाली कांग्रेस अब 64 तक आ पहुंची है. वहीं तीन और विधायकों की कमी से विधानसभा में उसकी संख्या 61 तक दिख रही है. ऐसे में माना जा रहा है कि राज्यसभा में 2 सीटें, भारतीय जनता पार्टी आराम से जीत सकती है. वहीं तीसरी के लिए कांग्रेस को संघर्ष करना पड़ सकता है भले ही उसके पास पर्याप्त मत हैं. फिलहाल एमपी से बीजेपी के जॉर्ज कुरियन, सुमेर सिंह सोलंकी और कांग्रेस से दिग्विजय सिंह राज्यसभा सांसद हैं.
विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा के लिए तो स्थिति ही अजब है. वह विधायक तो हैं लेकिन वोट नहीं कर सकते. कोर्ट ने उनके निर्वाचन को शून्य घोषित करने के फैसले को खारिज करते हुए कहा है कि वह राज्यसभा चुनाव में मतदान नहीं कर सकते है. इस मामले में अगली सुनवाई 23 अप्रैल को होगी.
उधर, दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को एमपी एमएलए कोर्ट ने 3 वर्षों के लिए दोषी करार दिया. इसके बाद उन्हें जमानत तो मिल गई लेकिन विधानसभा सचिवालय ने उनकी सीट खाली घोषित कर दी है जिसके बाद अब इस निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव के आसार हैं. भारती ने इसी सीट से नरोत्तम मिश्रा को चुनाव हराया था.

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मध्य प्रदेश में जून 2026 में राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है. इससे पहले कांग्रेस के विधायकों की संख्या कम होती जा रही है. इस मामले ने कांग्रेस और जीतू पटवारी की चिंता बढ़ा दी है.

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