
36 हजार फीट नीचे है धरती की सबसे गहरी जगह, क्यों अब तक इसके बारे में बहुत कम जान सके एक्सपर्ट?
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मैक्सिको में दुनिया का सबसे गहरा ब्लू होल मिला है. माना जा रहा है कि इसके जरिए समंदर के भीतर रहस्यमयी दुनिया तक पहुंचा जा सकेगा. एक्सपर्ट अब तक 13 सौ फीट तक ही पहुंच सके हैं. वैसे दुनिया की सबसे गहरी जगह चैलेंजर डीप मानी जाती है, जो 36 हजार फीट से भी गहरी हो सकती है. इसके ओरछोर पर ज्यादा कुछ पता नहीं लग सका.
मैक्सिको के युकाटन प्रायद्वीप के की खाड़ी में अब तक का सबसे गहरा ब्लू होल मिला, जिसे नाम मिला ताम जा ब्लू होल. इसकी गहराई का पक्का पता लगने में समय लगेगा क्योंकि फिलहाल मौजूद कोई भी यंत्र एक हद से नीचे नहीं जा सकता. ये तो हुई ब्लू होल की बात, लेकिन दुनिया की सबसे गहरी जगह भी समुद्र में ही है. गहरे अंधेरे और माइनस तापमान वाले इस हिस्से को चैलेंजर डीप नाम दिया गया.
कहां और कैसा है चैलेंजर डीप
वुड्स होल ओशनग्राफिक के अनुसार, समंदर की औसत गहराई करीब 12 हजार फीट है. वहीं इसके सबसे गहरे हिस्से को चैलेंजर डीप कहते हैं. ये जगह प्रशांत महासागर के नीचे मारियाना ट्रेंच के दक्षिणी छोर पर है. बता दें कि मारियाना ट्रेंच समुद्री खाई है, जो लगभग ढाई हजार किलोमीटर तक फैली हुई है. इसी के एक कोने में चैलेंजर डीप बना हुआ है. ये लगभग 36 हजार फीट गहरा है. साल 1875 में पहली बार इसका पता लगा. तबसे इसके करीब जाने की कई कोशिशें हुईं, लेकिन हर बार आधी-अधूरी रहीं.
सबसे पहले इसकी गहराई का मोटा अंदाजा लगाते चलें. चैलेंजर डीप उस जगह से तीन गुना गहरा है, जहां टाइटेनिक का मलबा पड़ा हुआ है. या फिर इसे समझिए कि ये अपनी गहराई में माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई से भी ज्यादा है.
क्यों है यहां जाने में जोखिम

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