
ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कसम खाई... डेनमार्क के PM ने दिया जवाब, बॉर्डर-पहचान और आजादी से समझौता नहीं
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हर हाल में ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं. लेकिन ग्रीनलैंड का मालिकाना हक रखने वाले डेनमार्क ने कहा है कि ग्रीनलैंड उनकी पहचान और आजादी का सवाल है और इस पर किसी तरह का समझौता नहीं हो सकता है. इस बीच पुतिन के रूस अमेरिका के सपोर्ट में ही दिखते हैं.
दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप और डेनमार्क का सेमी-ऑटोनॉमस क्षेत्र ग्रीनलैंड विश्व पटल पर एक बड़े टकराव की वजह बनने के लिए तैयार है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप AI से बना एक मैप शेयर किया है जिसमें ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बताया गया है. डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडरिक्सन ने इस नक्शे पर तो सीधा सीधा कुछ नहीं कहा है, लेकिन उन्होंने जो कहा है उससे डेनमार्क की तैयारी का पता चलता है.
मेट्टे फ्रेडरिक्सन ने साफ साफ कहा है कि हम अपनी आजादी, पहचान, बॉर्डर और लोकतंत्र से समझौता नहीं कर सकते हैं. PM मेट्टे फ्रेडरिक्सन ने वैश्विक नेताओं का आह्वान करते हुए कहा कि यह वैश्विक व्यवस्था का प्रश्न है.
डेनमार्क के प्रधानमंत्री ने आशंका जताई कि इस क्षेत्र का सबसे खराब फेज अभी आ सकता है. उन्होंने ट्रंप का नाम लिए बिना कहा कि अगर कोई यूरोप से ट्रेड वॉर शुरू करता है तो निश्चित रूप से हम इसका जवाब देंगे.
इससे पहले डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडरिक्सन ने 19-20 जनवरी 2026 को कहा था कि ट्रंप की टैरिफ धमकियों से 'यूरोप ब्लैकमेल नहीं होगा'. उन्होंने कहा कि अगर ट्रंप टैरिफ लगाते हैं तो यूरोप रिस्पॉंड करेगा. EU पूरी तरह एकजुट है, टैरिफ्स सिंगल कंट्रीज पर नहीं, पूरे EU पर लागू होंगे. उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है.
ट्रंप ने कसम खाई...
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कसम खाई कि ग्रीनलैंड पर कंट्रोल करने के अपने लक्ष्य से पीछे हटने का कोई सवाल ही नहीं है. उन्होंने आर्कटिक द्वीप को जबरदस्ती लेने की संभावना से इनकार नहीं किया और यूरोपीय नेताओं के जवाब देने में संघर्ष करने के बीच सहयोगियों पर भी निशाना साधा.

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.

डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं. उनका मानना है कि डेनमार्क के अधीन आने वाला यह अर्द्ध स्वायत्त देश अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है. इसे पाने के लिए वे सैन्य जोर भी लगा सकते हैं. इधर ग्रीनलैंड के पास सेना के नाम पर डेनिश मिलिट्री है. साथ ही बर्फीले इलाके हैं, जहां आम सैनिक नहीं पहुंच सकते.

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