
'मदर ऑफ ऑल डील्स' के करीब भारत और EU... दुनिया की एक चौथाई GDP पर होगा समझौते का असर
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वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसके संकेत दिए. उन्होंने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा कि कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं, ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा और वैश्विक GDP के करीब एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करेगा.
यूरोपीय संघ (EU) भारत के साथ लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने के बेहद करीब पहुंच गया है. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दावोस शिखर सम्मेलन में मंगलवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसके संकेत दिए. उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए वर्षों में सबसे अहम व्यापारिक उपलब्धियों में से एक साबित हो सकता है.
अपने भाषण में व्यापारिक साझेदारियों के विविधीकरण और जोखिम कम करने पर जोर देते हुए वॉन डेर लेयेन ने कहा, “अभी कुछ काम बाकी है, लेकिन हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बिल्कुल करीब हैं. कुछ लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहते हैं, ऐसा समझौता जो 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा और वैश्विक GDP के करीब एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करेगा.”
क्यों खास है यह समझौता?
इस प्रस्तावित समझौते का दायरा बेहद विशाल है. दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक भारत को वैश्विक व्यापार के प्रमुख स्तंभ यूरोपीय संघ से जोड़कर यह डील ऐसे समय में सप्लाई-चेन की दिशा बदल सकती है, जब सरकारें अपनी आर्थिक निर्भरताओं पर नए सिरे से विचार कर रही हैं.
EU के लिए भारत, चीन पर निर्भरता घटाने और भरोसेमंद साझेदारों के साथ व्यापार बढ़ाने की रणनीति में अहम बन चुका है. वहीं भारत के लिए 27 देशों के इस ब्लॉक तक गहरी पहुंच, जो उसका दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगी और विनिर्माण मूल्य श्रृंखला में ऊपर उठने की उसकी महत्वाकांक्षा को मजबूती देगी.
लंबा सफर, लेकिन नई रफ्तार

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