
'तुम्हारा अंत अपमानजनक होगा...', खामेनेई शासन को ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस की चेतावनी
AajTak
ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई को अपमानजनक अंत की चेतावनी दी है. उन्होंने ईरान की जनता से सड़कों पर फिर से उतरने के लिए तैयार रहने का आह्वान भी किया है.
ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके सहयोगियों पर तीखा हमला बोला है. पहलवी ने खामेनेई को ईरानी जनता का अपराधी बताते हुए कहा है कि तुम्हारे अंदर न तो सम्मान बचा है, ना ही इंसानियत. उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता पर हमला बोलते हुए कहा कि तुम्हारे हाथ हजारों ईरानियों के खून से सने हैं. बच्चों के, युवाओं के और मासूमों के खून से सने हैं.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर रेजा पहलवी ने खामेनेई को संबोधित करते हुए कहा कि तुम, तुम्हारा शासन और तुम्हारे सभी भाड़े के लोग खून की हर एक बूंद के लिए जवाबदेह ठहराए जाएंगे, जो तुमने बहाई है. उन्होंने तल्ख लहजे में लिखा कि हम न माफ करेंगे, न भूलेंगे और न ही पीछे हटेंगे. रेजा पहलवी ने आगे लिखा कि नाजी अपराधियों पर जिस तरह मुकदमा चलाया गया और सजा दी गई, उसी तरह तुम और तुम्हारे सहयोगियों पर भी ईरानी राष्ट्र की अदालत में मुकदमा चलेगा और सजा दी जाएगी.
उन्होंने ईरानी नेतृत्व को चेतावनी देते हुए कहा है कि तुम्हारा अंत अपमानजनक होगा. कोई भी अपराध बिना जवाब के नहीं रहता. ईरान के निर्वासित राजकुमार ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में आगे लिखा है कि जिन्होंने आदेश दिए और जिन्होंने उन आदेशों पर अमल किए, उनके साथ तुम्हारे सभी सहयोगियों के नाम दर्ज किए जाएंगे. बचने का कोई रास्ता नहीं होगा. उन्होंने लिखा कि छिपने के लिए कोई जगह नहीं होगी. ईरान की जनता के हत्यारों को कोई प्रतिरक्षा नहीं मिलेगी.
ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस ने जनता को संबोधित करते हुए अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि ईरान की महान जनता, मेरे बहादुर बच्चों, मेरी शोकाकुल लेकिन अडिग बहनों और भाइयों. तुम अकेले नहीं हो. उन्होंने लिखा कि तुम्हारे प्रतिरोध ने इतिहास बदल दिया है. तुम स्वतंत्रता की अग्रिम पंक्ति में खड़े हो. पहलवी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा कि ईरान एक बड़े राजनीतिक मोड़ के करीब है. हम इस शासन के अंत के पहले से कहीं ज्यादा करीब हैं.
यह भी पढ़ें: '3 दिन में सरेंडर करो नहीं तो...', ईरान ने प्रदर्शनकारियों को दिया अल्टीमेटम
उन्होंने कहा है कि यह शासन दरक चुका है. इसकी ताकत कमजोर पड़ चुकी है. इसके पतन की शुरुआत हो चुकी है. रेजा पहलवी ने एकता, साहस पर विश्वास रखने और फिर से सड़कों पर उतरने का आह्वान करते हुए कहा है कि तैयार रहो, सड़कों पर लौटने का पल आएगा. पहले से ज्यादा ताकत और दृढ़ संकल्प के साथ तेहरान की मुक्ति और ईरान को वापस पाने के लिए सड़कों पर लौटने का पल आएगा. उन्होंने यह भी कहा कि जाग चुकी जनता अब उठ खड़ी हुई है और यह शासन जनता की आवाज को दबा नहीं सकता.

संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तान में फिर से पुरानी डिबेट छेड़ दी है. पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी नेतृत्व की वजह से हमें भारत की तुलना में हमेशा कमतर आंका जाता है. पाकिस्तान में इस दौरे को मिडिल ईस्ट मे पैदा हुए हालात और सऊदी अरब -पाकिस्तान के संबंधों के बरक्श देखा जा रहा है.

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.

डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं. उनका मानना है कि डेनमार्क के अधीन आने वाला यह अर्द्ध स्वायत्त देश अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है. इसे पाने के लिए वे सैन्य जोर भी लगा सकते हैं. इधर ग्रीनलैंड के पास सेना के नाम पर डेनिश मिलिट्री है. साथ ही बर्फीले इलाके हैं, जहां आम सैनिक नहीं पहुंच सकते.

गुरु गोलवलकर मानते थे कि चीन स्वभाव से विस्तारवादी है और निकट भविष्य में चीन द्वारा भारत पर आक्रमण करने की पूरी संभावना है. उन्होंने भारत सरकार को हमेशा याद दिलाया कि चीन से सतर्क रहने की जरूरत है. लेकिन गोलवलकर जब जब तिब्बत की याद दिलाते थे उन्हों 'उन्मादी' कह दिया जाता था. RSS के 100 सालों के सफर की 100 कहानियों की कड़ी में आज पेश है यही कहानी.









