
20 दिन, 5 कत्ल, 1 खौफनाक साजिश... कातिल बहू के खूनी खेल की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी
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Crime Katha: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के महागाव के एक परिवार के कई सदस्यों की रहस्यमयी मौत की गुत्थी जब पुलिस ने सुलझाई तो हर कोई हैरान रह गया. किसी को भरोस नहीं हो रहा था कि इस हत्याकांड को उसी परिवार की एक टॉपर बहू ने अंजाम दिया है. आज क्राइम कथा में पढ़िए कातिल बहू की कहानी.
एक हंसते-खेलते परिवार को न जाने किसकी नजर लग गई. परिवार के सदस्य एक-एक कर किसी रहस्यमयी बीमारी का शिकार होने लगे. इस बीमारी में पहले उनके शरीर में तेज दर्द होता, उसके बाद धीरे-धीरे होंठ काले पड़ने लगते, जुबान अकड़ जाती, उसके बाद सांसे थम जाती थीं. इस तरह 20 दिनों में परिवार के 5 सदस्यों की मौत हो जाती है. डॉक्टरों को भी नहीं समझ आ रहा था कि आखिर ये बीमारी कैसी है. लेकिन मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने रहस्यमयी मौत से पर्दा हटा दिया. इसके बाद पुलिस ने जो खुलासा किया, उसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया. किसी को भरोसा नहीं हो रहा था कि इन मौतों के पीछे परिवार की बहू का हाथ है. लेकिन उसने ऐसा क्यों किया? कैसे किया कि किसी को भनक तक नहीं लगी? पुलिस को ऐसे कौन से सबूत मिले कि वो कातिल तक पहुंच गई? इन सभी सवालों के जवाब 'क्राइम कथा' के आज की कड़ी में मिलेगा.
20 सितंबर 2023 से हुई इस खौफनाक कहानी की शुरुआत
इस कहानी की शुरुआत 20 सितंबर 2023 से होती है. महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के अहेरी तहसील के महागाव में रहने वाले शंकर कुंभारे और उनकी पत्नी विजया कुंभारे की तबीयत खराब होती है. दोनों को सिर से लेकर पैर तक बेहद तेज दर्द की शिकायत थी. दोनों को अहेरी के एक अस्पताल में दिखाया जाता है, लेकिन जब वहां शुरुआती इलाज के बावजूद उनकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ तो फिर घरवाले उन्हें लेकर चंद्रपुर गए. वहां भी उनकी तबीयत ठीक नहीं हुई. आखिरकार नागपुर के एक अस्पताल में 26 सितंबर को शंकर कुंभारे की जान चली गई. परिवार के लोग अभी इस सदमे में डूबे ही थे कि तब तक शंकर की पत्नी विजया कुंभारे ने भी दम तोड़ दिया. दो दिनों के अंदर परिवार के दो लोगों की जान चली गई. पूरा परिवार शोक में डूब गया. लेकिन इसी बीमारी और मौत की दहशत और बढ़ गई, जब परिवार के दूसरे लोग भी बीमारी के शिकार होने लगे.
रहस्यमयी बीमारी के लक्षण देख डॉक्टर भी हैरान हो गए
शंकर और विजया की विवाहित बेटी कोमल दहागांवकर और बेटे रौशन कुंभारे की तबीयत खराब हो गई. उनके साथ रहने वाली शंकर कुंभारे की साली आनंदा उर्फ वर्षा उराडे की तबीयत भी बिगड़ गई. एक-एक कर के सभी को अस्पतालों में भर्ती करवाना पड़ा. सभी के बीमारी के लक्षण भी एक जैसे थे. मसलन सभी को पूरे जिस्म में तेज दर्द की शिकायत थी. खास कर कमर के निचले हिस्से में और सिर में दर्द था. सभी के होंठ काले पड़ने लगते और जुबान भारी होने लगती. हालांकि शुरू में खुद कुंभारे परिवार के साथ-साथ डॉक्टरों को भी ये मामला फूड प्वाइजनिंग का लगा, लेकिन धीरे-धीरे मामला उलझता चला गया. कुंभारे परिवार के लोगों का इलाज कर रहे अलग-अलग डॉक्टर भी उनकी बीमारी के सिम्टम्स को देख कर अलग-अलग डायगनोसिस करने के बावजूद किसी एक नतीजे पर नहीं पहुंच पाए. डॉक्टर भी हैरान थे, क्योंकि उनके सामने कभी ऐसे मरीज नहीं आए थे.
बीमारी-मौत की कहानी में आए कई अफसोसनाक मुकाम

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