
महाराष्ट्र में बीजेपी की लहर, लेकिन इन शहरों में नंबर- 1 रही कांग्रेस
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महाराष्ट्र निकाय चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन मिला जुला रहा है. यहां पार्टी को कुछ खास कामयाबी नहीं मिली है. देश की सबसे चर्चित नगर निगम बीेएमसी में कांग्रेस को 24 सीटें मिली हैं. जबकि यहां 227 वार्ड हैं. हालांकि महाराष्ट्र के कुछ शहरों में कांग्रेस की स्थिति नंबर वन की है. इनमें लातूर,
महाराष्ट्र निकाय चुनाव कांग्रेस खेमे में उत्साह का संचार नहीं कर सके. इस चुनाव में कांग्रेस प्रदर्शन कुल मिलाकर निराशाजनक रहा. खासकर बड़े शहरों जैसे मुंबई में पार्टी लगभग हाशिए पर पहुंच गई है. देश के सबसे बड़े नगर निगम में गिनी जाने वाली बीएमसी में कांग्रेस देर रात तक 24 वार्डों पर आगे चल रही थी. बीएमसी में 227 वार्ड हैं. यहां ताजा समाचार मिलने तक बीजेपी 88 वार्डों पर आगे चल रही थी. शिवसेना 28 वार्डों पर आगे चल रही थी. एनसीपी 03 सीटों पर आगे चल रही थी. वहीं विपक्षी खेमे में शिवसेना (UBT) 66 वार्डों पर आगे चल रही थी. जबकि एमएनएस को 06 सीटों पर लीड मिली हुई थी.
भिवंडी शहर कांग्रेस के लिए अच्छी खबर लेकर आई है. यहां कांग्रेस 30 सीटों के साथ सबसे आगे चल रही है. भिवंडी में कुल 90 सीटें हैं. यहां बीजेपी 22 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर है. जबकि शिवसेना 12 सीटों पर और एनसीपी-एसपी भी 12 सीटों पर आगे चल रही है.
लातूर भी कांग्रेस के लिए राहत की खबर लेकर आई है. यहां पर कांग्रेस का मेयर बनना तय है, 70 सीटों वाले इस नगरपालिका में कांग्रेस ने 43 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है. जबकि BJP को 22 और वंचित बहुजन आघाड़ी को 4 सीटें मिलीं है. NCP (शरद पवार) सहित अन्य दलों का खाता नहीं खुला.
चंद्रपुर की 66 सीटों में भी कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन किया है. यहां 30 सीटों पर कांग्रेस आगे है और नंबर वन पर है. बीजेपी को 23 सीटों पर आगे है. यहां शिवसेना एक, शिवसेना (UBT) को 6 और VBA 2 सीटों पर आगे चल रही है.
कोल्हापुर में कांग्रेस 34 सीटें जीतकर नंबर वन पर है. यहां बीजेपी 26 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर चल रही है. जबकि एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 15 सीटें मिली है. कोल्हापुर में नगरपालिका में कुल 81 सीटें हैं.
महाराष्ट्र की चर्चित धारावी के वॉर्ड 183 से कांग्रेस की आशा काले को जीत मिली है. आशा काले ने शिवसेना की वैशाली शेवाले को मात दी है.

आज के बीएमसी चुनाव में भाजपा ने मुम्बई में बड़ी सफलता हासिल की है. पिछले चालीस वर्षों में पहली बार भाजपा बीएमसी की मेयर की कुर्सी संभालने को तैयार है. भाजपा ने विकास कार्यों को अपनी प्राथमिकता बनाया है और जनता ने इसे स्वीकार किया है. चुनाव की मतगणना अभी चल रही है, लेकिन शुरुआती रुझान साफ दिखा रहे हैं कि भाजपा और उसके गठबंधन को भारी बहुमत मिलेगा. विपक्ष खासकर शिवसेना के लिए यह चुनाव चुनौतीपूर्ण रहा है. उद्धव ठाकरे की पार्टी को कुछ सीटें मिली हैं पर भाजपा की बढ़त स्पष्ट है.

बीएमसी चुनाव में बीजेपी-शिवसेना शिंदे गुट का गठबंधन आगे चल रहा है. ठाकरे बंधुओं और एनसीपी-एसपी का गठबंधन भी 80 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. Axis My India के एमडी प्रदीप गुप्ता ने कहा है कि हार के बावजूद ठाकरे बंधु मराठी बहुल इलाकों, खासकर ग्रेटर मुंबई में अपनी साख बचाने में कामयाब रहे हैं. हार के बावजूद उनके वजूद पर सवाल नहीं उठाए जा सकते.

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