
महाराष्ट्र की सियासत के 'धुरंधर' बने देवेंद्र फडणवीस... मुंबई का किला भेद BJP को दिलाई 'महाविजय'
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देवेंद्र फडणवीस का राजनीतिक करियर महाराष्ट्र में भाजपा के उत्थान का पर्याय रहा है. 2014 में जब केंद्र में मोदी सरकार बनी तो महाराष्ट्र ने फडणवीस के रूप में अपना पहला बीजेपी मुख्यमंत्री पाया. यह पहला मौका था जब भाजपा ने राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई.
महाराष्ट्र की राजनीति में 16 जनवरी का दिन इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है. 29 नगर निगम के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके महायुति गठबंधन की ऐतिहासिक जीत ने राज्य की राजनीति का परिदृश्य पूरी तरह बदल दिया है. चुनाव परिणामों ने बीजेपी को एक छत्र शक्ति के रूप में स्थापित किया है और इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र की राजनीति के धुरंधर बनकर उभरे हैं.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र निकाय चुनावों से पहले स्पष्ट कहा था कि हम अपना ही रिकॉर्ड तोड़ेंगे. हुआ भी कुछ ऐसा ही. मुंबई की बीएमसी (BMC) से लेकर नागपुर की सड़कों तक अगर आज भगवा लहरा रहा है, तो उसके पीछे फडणवीस की वो बिसात है, जिसने विपक्ष के हर प्रयोग को मात दे दी. मुंबई में पहली बार भाजपा का मेयर बनने जा रहा है. पिछली बार 27 नगर निगम के रहते बीजेपी ने 15 निगम पर जीत दर्ज की थी. 29 नगर निगमों में से बीजेपी गठबंधन ने 24 पर बढ़त बना ली.
वहीं देश की सबसे अमीर नगर निगम बीएमसी की बात करें तो 221 सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं, जिनमें बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. बीजेपी ने कुल 87 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 27 सीटें मिली हैं. यानी दोनों पार्टियों के गठबंधन ने बीएमसी चुनाव में बहुमत के आंकड़े 114 को पार कर लिया है. विपक्षी खेमे में उद्धव ठाकरे गुट (UBT) ने 64 सीटें जीत हासिल की हैं. कांग्रेस को 24 सीटें, मनसे को 6 सीटें, एनसीपी (अजित पवार गुट) को 3 सीटें और एनसीपी-एसपी को 1 सीट मिली है. इसके अलावा अन्य दलों और निर्दलीयों के खाते में 9 सीटें गई हैं.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे रिकॉर्ड तोड़ जनादेश करार दिया. उनका कहना है कि यह जीत प्रधानमंत्री मोदी पर जनता के भरोसे की जीत है, जिसने महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश में विकास की एक नई भाषा गढ़ी है. वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने ‘विकास और ईमानदारी’ वाले एजेंडे को पूरी तरह समर्थन दिया है.
12 साल बाद भी फडणवीस का जादू बरकरार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर कहते है रहे हैं कि 'नरेंद्र और देवेंद्र' की जोड़ी का मतलब है एक और एक ग्यारह. कारण, देवेंद्र फडणवीस का राजनीतिक करियर महाराष्ट्र में भाजपा के उत्थान का पर्याय रहा है. साल 2013 में जब मोदी गुजरात से निकलकर दिल्ली की ओर बढ़ रहे थे, ठीक उसी समय महाराष्ट्र बीजेपी की कमान देवेंद्र फडणवीस के हाथों में थी. 2014 में जब केंद्र में मोदी सरकार बनी तो महाराष्ट्र ने फडणवीस के रूप में अपना पहला बीजेपी मुख्यमंत्री पाया. यह पहला मौका था जब भाजपा ने राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई.

आज के बीएमसी चुनाव में भाजपा ने मुम्बई में बड़ी सफलता हासिल की है. पिछले चालीस वर्षों में पहली बार भाजपा बीएमसी की मेयर की कुर्सी संभालने को तैयार है. भाजपा ने विकास कार्यों को अपनी प्राथमिकता बनाया है और जनता ने इसे स्वीकार किया है. चुनाव की मतगणना अभी चल रही है, लेकिन शुरुआती रुझान साफ दिखा रहे हैं कि भाजपा और उसके गठबंधन को भारी बहुमत मिलेगा. विपक्ष खासकर शिवसेना के लिए यह चुनाव चुनौतीपूर्ण रहा है. उद्धव ठाकरे की पार्टी को कुछ सीटें मिली हैं पर भाजपा की बढ़त स्पष्ट है.

बीएमसी चुनाव में बीजेपी-शिवसेना शिंदे गुट का गठबंधन आगे चल रहा है. ठाकरे बंधुओं और एनसीपी-एसपी का गठबंधन भी 80 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. Axis My India के एमडी प्रदीप गुप्ता ने कहा है कि हार के बावजूद ठाकरे बंधु मराठी बहुल इलाकों, खासकर ग्रेटर मुंबई में अपनी साख बचाने में कामयाब रहे हैं. हार के बावजूद उनके वजूद पर सवाल नहीं उठाए जा सकते.

बीएमसी चुनाव में मिली जीत के बाद बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने प्रमुख राजनीतिक नेताओं पर अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने कहा कि बाला साहेब ठाकरे जी ने सोनिया गांधी के सामने कभी झुकने से इनकार किया था, लेकिन आज उनके पुत्र उद्धव ठाकरे कांग्रेस के साथ हैं और महाविकास अघाड़ी अब पिछड़ा गठबंधन बन गई है. पीएम मोदी और सीएम फडणवीस महाराष्ट्र के विकास को लेकर काम कर रहे हैं.

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