
₹50 करोड़ लेकर विधायक जजपाल ने दिया था इस्तीफा, BJP नेता का हाईकोर्ट में दावा
AajTak
MP News: साल 2020 में अपनी सरकार गिरने के बाद से कांग्रेस नेता आरोप लगाते रहे हैं कि विधायकों ने 50-50 करोड़ रुपए लेकर पार्टी छोड़ी थी और भाजपा में शामिल हो गए थे. लेकिन अब बीजेपी के नेता ने ही हाईकोर्ट ने बयान देकर मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल मचा दिया है.
MP News: अशोकनगर से भाजपा विधायक जजपाल जस्सी के लिए उन्हीं की पार्टी के नेता ने मुसीबत खड़ी कर दी है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ग्वालियर की खंडपीठ में दो बार पार्षद रह चुके रोशन सिंह यादव ने पार्टी विधायक के खिलाफ बयान दर्ज कराए. कोर्ट में सुनवाई के दौरान रोशन ने कहा कि साल 2018 के विधानसभा चुनाव में जीतने के बाद विधायक जजपाल जज्जी ने ₹50 करोड़ लेकर पद से इस्तीफा दे दिया था. दरअसल, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में विधानसभा चुनाव की याचिका पर सुनवाई के दौरान जब विधायक जजपाल सिंह जज्जी की ओर से सीनियर एडवोकेट विनोद कुमार भारद्वाज ने रोशन सिंह से काउंटर टेस्ट किया तो उन्होंने बताया की जजपाल जज्जी ने 50 करोड़ रुपए लेकर इस्तीफा दिया था.
खास बात यह रही कि एडवोकेट ने रोशन से पैसे के लेनदेन के संबंध में कोई सवाल ही नहीं किया था. बाद में एडवोकेट के पूछने पर रोशन ने यह भी कहा कि ₹50 करोड़ लेने की बात मेरे सुनने में आई थी.
रोशन सिंह ने बाद में अपनी बात को संभालते हुए यह भी कहा कि इस पूरे मामले के चलते मैंने जजपाल के खिलाफ कोई एफआईआर भी दर्ज नहीं कराई थी.
पता हो कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मात्र 4 महीने का समय बचा है. ऐसे में अपनी ही पार्टी के विधायक के खिलाफ दिया गया बयान विरोधी दल कांग्रेस के लिए बड़ा हथियार बन सकता है.
वैसे भी कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ साल 2020 में अपनी सरकार गिरने के बाद से आरोप लगाते रहे हैं कि कांग्रेस विधायकों ने 50-50 करोड़ रुपए लेकर पार्टी छोड़ी थी और भाजपा में शामिल हो गए.
जाति प्रमाण पत्र को लेकर हाईकोर्ट में जज्जी के खिलाफ मामला गौतलब है कि विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ कर जजपाल जज्जी विधायक बने थे. जिस सीट से वह चुनाव लड़े वह अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट थी. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के लड्डू राम कोरी को हराया था. साल 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस पार्टी को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और उपचुनाव में बीजेपी के टिकट पर अशोकनगर से चुनाव जीतकर विधायक बने.

जिस अमेरिका और इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमले कर जंग की शुरुआत की थी, उसी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ये ऐलान किया कि अमेरिका अगले 5 दिनों के लिए युद्ध विराम कर रहा है यानी जंग को रोक रहा है. अब सवाल ये है कि जंग के पहले हफ्ते में जब ट्रंप ने ये दावा किया था कि ईरान की ताकत को वो पूरी तरह कुचल चुके हैं तो फिर भी ईरान इस जंग को तीसरे हफ्ते तक कैसे खींच ले गया.

आज ईरान-अमेरिका युद्ध का 24 वां दिन है. आज युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान आया. ट्रंप ने ऐलान किया है कि अगले पांच दिनों तक ईरान के पावर और इनर्जी के ठिकानों पर हमले नहीं होंगे. ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को युद्ध की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है. हालांकि ईरान की तरफ से अमेरिकी के साथ किसी तरह की बातचीत का खंडन किया गया है, ईरान का यही दावा है कि उनकी धमकी के डर से अमेरिकी राष्ट्रपति झुक गए. अब सवाल यही है क्या ट्रंप के सीजफायर से युद्ध रुक जाएगा.

गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले गिरोह के सदस्य नौशाद अली उर्फ लालू को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है. वह पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान की आड़ में काम कर रहा था. गिरोह के सरगना सुहेल समेत 22 आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं. यह गैंग रेलवे स्टेशनों और सुरक्षा ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजता था, जिसके बदले 4-6 हजार रुपये मिलते थे. दिल्ली-हरियाणा में लगाए कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग भी पाकिस्तान तक पहुंच रही थी. पुलिस जांच जारी है.

राजकोट में एक डॉक्टर के क्लिनिक में स्पाई कैमरा लगाकर निजी वीडियो रिकॉर्ड कर 25 लाख रुपये की उगाही के मामले में पुलिस ने डॉ. कमल नांढा को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने 3000 से ज्यादा वीडियो बनाकर स्थानीय पत्रकारों के जरिए ब्लैकमेल किया. राजकोट साइबर क्राइम पुलिस ने 12 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जबकि 11 आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है.

महायुद्ध के 24 दिन हो चुके हैं. खबरदार की शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ताजा यूटर्न से. डोनाल्ड ट्रंप ने आज शाम ऐलान किया कि ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले हमलों को उन्होंने फिलहाल टाल दिया है. ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों से चली बातचीत के बाद ये फैसला लिया गया है.








