
हमास के हाई-प्रोफाइल नेता की हत्या, क्यों माना जा रहा इसे इजरायल-हमास युद्ध का निर्णायक वक्त, भारत पर क्या होगा असर?
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पिछले अक्टूबर में इजरायल और हमास के बीच जंग शुरू हुई. अब इसका अंत पास आता दिख रहा है, या ऐसा भी हो सकता है कि पूरे मिडिल ईस्ट में युद्ध की आग भड़क उठे. दरअसल इजरायल ने हमास के पॉलिटिकल चीफ इस्माइल हानिया की हत्या कर दी. इसके एक दिन बाद गुरुवार को IDF ने हमास के मिलिट्री कमांडर मोहम्मद देइफ के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि कर दी.
हमास का पॉलिटिकल चीफ इस्माइल हानिया मारा जा चुका. आतंकी संगठन के मिलिट्री चीफ मोहम्मद दइफ की मौत का दावा भी इजरायली सेना कर रही है. हमास के तीन बड़े नेताओं में अब याह्या सिनवार ही बाकी रहे. इससे ऐसा लग रहा है कि 7 अक्टूबर पर अपने नागरिकों पर हुए हमले का बदला इजरायल ने ले लिया. हालांकि ये भी हो सकता है कि फिलिस्तीनी को दूर से सपोर्ट कर रहे देश खुद भी जंग में शामिल हो जाएं. ऐसे में भारत समेत दूर-दराज बैठा अमेरिका भी इसके असर से अछूता नहीं रहेगा.
क्यों तूल पकड़ रहा मामला
ईरान के राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे इस्माइल हानिया तेहरान की जिस इमारत में ठहरे हुए थे, उस पूरी बिल्डिंग को ही हवाई हमला करके उड़ा दिया गया. इसके बाद से फिलिस्तीन समेत पूरा मिडिल ईस्ट परेशान है. खासकर ईरान, जहां अटैक हुआ. वहां से लगातार ऐसी खबरें और बयान आ रहे हैं कि ईरान हमास लीडर की हत्या को बेकार नहीं जाने देगा. वो इजरायल से बदला लेगा.
तेहरान में कड़ी सुरक्षा के बीच हुई हत्या से साफ है कि इजरायल बेहद ताकतवर है और उससे भिड़ना आसान नहीं. इसके बाद भी अंदेशा गहरा रहा है कि मिडिल ईस्ट समेत बड़े युद्ध के मुहाने पर खड़ा है. जंग बढ़ी तो वहीं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आंच दिल्ली समेत दुनिया पर आ सकती है.
जानिए, क्या हैं इन हाई-प्रोफाइल हत्याओं के मायने.

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