
सोना गिरवी-खजाना खाली! 90 की वो बदहाली जब मनमोहन के एक बजट से हमेशा के लिए बदल गया देश
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1991 में देश के पास मात्र 20 दिनों का आयात बिल चुकाने भर की विदेशी मुद्रा रह गई थी. संकट की इस घड़ी सोना एक बार फिर सोना साबित हुआ. देश ने मात्र 40 करोड़ डॉलर के एवज में 47000 किलो यानी 47 टन सोना गिरवी रख दिया. इस फैसले की जानकारी तक देश को नहीं दी गई थी.
उदारीकरण (Liberalisation) की जिस राह पर भारत ने 90 के दशक में कदम बढ़ाए थे, आज (24 July 1991) को उस सफर के 30 साल मुकम्मल हो गए हैं. तीन दशक एक फैसले का असर जानने के लिए बहुत वक्त होता है. क्या बदला है उस भारत में जिसने आजादी के बाद आर्थिक मॉडल के रूप में समाजवाद की विचारधारा के साथ चलना स्वीकार किया.
बिहार के बगहा में फैमिली विवाद में हाई वोल्टेज ड्रामा हो गया. यहां दूसरी शादी करने वाले युवक को पहली पत्नी के परिजनों ने पकड़कर सरेआम पीट दिया. अनुमंडल चौक पर हुए हंगामे से अफरा-तफरी मच गई. तमाम लोगों की भीड़ जमा हो गई. हालात बिगड़ते देख डायल 112 की पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर युवक को बचाया और दोनों पक्षों को थाने ले गई.

काशी के मणिकर्णिका घाट पर इन दिनों कायाकल्प का काम चल रहा है, जिसको लेकर तोड़फोड़ और मूर्तियों के नुकसान के आरोपों पर सियासी घमासान मचा हुआ है. सरकार का कहना है कि घाट को विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ नए सिरे से विकसित किया जा रहा है. इसके लिए पहले चरण में 35 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और बड़ा प्लेटफार्म बनाया जाएगा ताकि एक साथ अंतिम संस्कार की बेहतर व्यवस्था हो सके.

पंजाब के बठिंडा में गुरथरी गांव के पास एक फॉर्च्यूनर कार डिवाइडर से टकरा गई, जिससे भीषण हादसा हुआ. इसमें पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक महिला पुलिस कांस्टेबल भी शामिल है. सभी गुजरात के रहने वाले थे और घूमने आए थे. सुबह के कोहरे को हादसे की वजह बताया जा रहा है. पुलिस जांच कर रही है और शवों को बठिंडा सरकारी अस्पताल में भेजा गया है.

बीएमसी चुनाव में करारी हार के बाद पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे पर हमला बोला. नवनिर्वाचित नगरसेवकों को संबोधित करते हुए उन्होंने हार के कारणों पर खुलकर बात की और बीजेपी-शिवसेना शिंदे गुट पर निशाना साधा. ठाकरे ने कहा कि सत्ता, पैसा और दबाव से लोग तोड़े जा सकते हैं, लेकिन जमीनी शिवसेना और कार्यकर्ताओं की निष्ठा को कभी खरीदा नहीं जा सकता.

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पुनरुद्धार कार्य के दौरान ऐतिहासिक चबूतरे और अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को बुलडोजर से ढहाए जाने के बाद लोगों के गुस्सा फूट पड़ा है. हालांकि, वाराणसी के मेयर और क्षेत्रीय विधायक ने मणिकर्णिका घाट पहुंचे इस मामले पर सफाई भी दी है. इसी बीच सूबे के मुख्यमंत्री योगी भी वारासणी पहुंच गए हैं.








