
'सेलेक्शन मेरा काम नहीं, ये कोच-कप्तान...', टीम इंडिया से बाहर मोहम्मद शमी का छलका दर्द, Youtube वीडियो में दिखी पीड़ा
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मोहम्मद शमी ने खुद के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ना सेलेक्ट ना होने पर अपने Youtube चैनल पर जवाब दिया. वहीं उन्होंने इस दौरान अपने फ्यूचर प्लान का भी जवाब दे दिया. शमी ने बताया कि उनकी आगे की क्या तैयारी है.
भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को हाल में एक बार फिर नेशनल टीम में जगह नहीं मिली. उन्हें 19 अक्टूबर से शुरू हो रहे ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया है.
35 वर्षीय शमी ने आखिरी बार 2025 चैम्पियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया था. वो फिटनेस की समस्याओं से जूझ रहे हैं. हालांकि वो आईपीएल और बंगाल के घरेलू क्रिकेट में एक्टिव बने हुए हैं.
अब टीम इंडिया में सेलेक्ट ना होने पर शमी ने अपने YouTube चैनल पर वीडियो में चुप्पी तोड़ते हुए सफाई दी. उन्होंने कहा- लोग जानना चाहते हैं कि ऑस्ट्रेलिया सीरीज के लिए न चुने जाने पर मेरी राय क्या है. मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि सेलेक्शन मेरा हाथ में नहीं है, यह सेलेक्शन कमेटी, कोच और कप्तान का काम है. अगर उन्हें लगे मैं टीम में होना चाहिए तो मुझे चुनेंगे, या अगर उन्हें लगता है कि थोड़ा और समय चाहिए तो वह उनका निर्णय है. मैं तैयार हूं और प्रैक्टिस कर रहा हूं.
दरअसल, कुछ दिन पहले इंस्टाग्राम पर मोहम्मद शमी ने फैन्स से सवाल पूछने की अपील की थी. इसके जवाब में फैंस ने उन्हें कई मजेदार और दिलचस्प सवाल भेजे. उसी के बाद शमी ने अपने YouTube चैनल खुलकर खुलकर राय रखी.
शमी ने आगे कहा- मेरी फिटनेस भी अच्छी है, मैं और बेहतर करने की कोशिश करूंगा क्योंकि जब आप मैदान से दूर होते हैं, तब आपको मोटिवेट रहना पड़ता है. मैंने दलीप ट्रॉफी में खेला, खुद को बहुत सहज महसूस किया, मेरा रिदम अच्छा था और मैंने करीब 35 ओवर फेंके. मेरी फिटनेस में कोई समस्या नहीं है.
अब शमी का अगला टारगेट क्या है? शमी ने इस दौरान फैन्स के उस सवाल का भी जवाब दिया, जहां उनसे पूछा गया कि उनका अगला टारगेट क्या है? इस स्पीडस्टार ने कहा- चूंकि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नहीं जा रहा हूं ऐसे में पूरा फोकस अब डोमेस्टिक क्रिकेट में खेलने पर रहेगा. अभी मैं दलीप ट्रॉफी खेलकर आया हूं, वहां 35 ओवर डाले और मुझे कोई दिक्कत नहीं आई. अब आने वाले डोमेस्टिक सीजन के लिए तैयार हूं.

एक समय था जब बिहार से आईपीएल में खिलाड़ियों की मौजूदगी गिनी-चुनी होती थी. लेकिन आज 7 खिलाड़ियों का इस लीग में होना राज्य के क्रिकेट इकोसिस्टम में आए बदलाव का संकेत है. यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उस बदलाव की कहानी है जहां कभी संसाधनों की कमी से जूझने वाला राज्य अब भारतीय क्रिकेट की मुख्यधारा में अपनी जगह बना रहा है.












