सेमीफाइनल में तो पहुंच गए... मगर टीम इंडिया को दूर करनी होगी ये 5 कमजोरी, सामने है इंग्लैंड की चुनौती
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भारतीय टीम को सेमीफाइनल में इंग्लैंड से कड़ी टक्कर मिल सकती है. हैरी ब्रूक की अगुवाई में इंग्लैंड ने लीग स्टेज में उतना बढ़िया खेल नहीं दिखाया था. लेकिन सुपर-8 स्टेज में उसने श्रीलंका, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड को हराकर जबरदस्त फॉर्म पकड़ ली है.
आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने दमदार वापसी करते हुए सेमीफाइनल का तो टिकट कटा लिया, लेकिन असली परीक्षा बाकी है. अब भारतीय टीम को अंतिम-चार में इंग्लैंड का सामना करना है. भारत-इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल 5 मार्च (गुरुवार) को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाना है. उससे पहले साउथ अफ्रीका-न्यूजीलैंड के बीच 4 मार्च (बुधवार) को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में पहला सेमीफाइनल होना है.
सुपर-8 में जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली धमाकेदार जीतों ने टीम इंडिया का आत्मविश्वास तो बढ़ाया है, मगर कुछ कमजोरियां भी दिख रही हैं, जिन्हें तुरंत सुधारना जरूरी होगा. इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ एक भी गलती भारी पड़ सकती है. इन खामियों पर तुरंत काम करना होगा, अन्यथा तीसरी बार खिताब जीतने का सपना अधूरा रह सकता है.
पावरप्ले में गंवा रहे विकेट: भारत की सबसे बड़ी चिंता टॉप ऑर्डर की अस्थिरता है. शुरुआती छह ओवरों में विकेट गिरने से टीम बैकफुट पर चली जाती है. बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय या पहले बल्लेबाजी में मजबूत स्कोर खड़ा करने के लिए ठोस शुरुआत जरूरी है. इंग्लैंड के तेज गेंदबाज नई गेंद से आक्रामक शुरुआत करते हैं, ऐसे में संयम और समझदारी बेहद अहम होगी. वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में भारत ने अभिषेक शर्मा और ईशान किशन के विकेट पावरप्ले में गंवा दिए थे. वो तो संजू सैमसन ने एक एंड संभाला जिसके चलते भारत वापसी करने में सफल रहा था.
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सूर्या का खामोश बल्ला: कप्तान सूर्यकुमार यादव से टीम को मिडिल ओवरों में तेज बल्लेबाजी की उम्मीद रहती है, लेकिन वह लय में नजर नहीं आए है. साउथ अफ्रीका के खिलाफ वो 18 रन बना सके थे. वहीं वेस्टइंडीज के खिलाफ भी उन्होंने इतने ही रन बनाए. सूर्या ने जरूर जिम्बाब्वे के खिलाफ सिर्फ 13 गेंदों पर 33 रन बना डाले थे, लेकिन उस मुकाबले में भी वो बड़ी इनिंग्स नहीं खेल पाए. अब नॉकआउट मैचों में कप्तान सूर्या को रन बनाना होगा. अगर सूर्या जल्दी आउट होते हैं, तो भारतीय टीम मुश्किल में पड़ जाएगी.
बुमराह पर अत्यधिक निर्भरता: जसप्रीत बुमराह लगातार टीम के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज रहे हैं. लेकिन सिर्फ एक बॉलर के भरोसे टूर्नामेंट नहीं जीता जाता. बाकी गेंदबाजों को भी जिम्मेदारी लेनी होगी. स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने लीग स्टेज में अच्छी गेंदबाजी की थी, लेकिन सुपर-8 में उन्होंने जमकर रन लुटाए हैं. खब्बू गेंदबाज अर्शदीप सिंह पावरप्ले में तो अच्छी गेंदबाजी करते हैं, लेकिन डेथ ओवर्स में वो खर्चीले साबित हो रहे है. हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, शिवम दुबे की गेंदबाजी में भी निरंतरता नहीं दिखी है. इंग्लैंड के खिलाफ बिग मैच में भारतीय गेंदबाजों को पूरा जोर लगाना पड़ेगा.

भारत ने वेस्टइंडीज को 1 मार्च को हुए सुपर 8 मुकाबले में हरा दिया, इसके साथ ही भारतीय टीम ने 5 मार्च को इंग्लैंड संग मुंबई में होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले के लिए जगह बना ली है. भारत की वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत के सबसे बड़े हीरो संजू सैमसन रहे. जिन्होंने नाबाद 97 रन बनाए, उनकी इस पारी और भारत की जीत से कई शानदार रिकॉर्ड भी बने. यह भारत का टी20 वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा रनचेज रहा.












