
सुखोई जेट के टायर पर चलेगा भगवान जगन्नाथ का रथ, जानिए किस कंपनी ने दिए ये खास पहिए
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रथ यात्रा का नाम आते ही भक्तों की भीड़, भक्ति और भगवान जगन्नाथ की भव्य सवारी की छवि सामने आ जाती है. लेकिन इस बार कोलकाता में होने वाली रथ यात्रा कुछ खास होने वाली है. क्योंकि भगवान जगन्नाथ का रथ इस बार चलेगा उन टायरों पर, जो आमतौर पर भारतीय वायुसेना के सुखोई लड़ाकू विमानों में लगाए जाते हैं.
रथ यात्रा का नाम आते ही भक्तों की भीड़, भक्ति और भगवान जगन्नाथ की भव्य सवारी की छवि सामने आ जाती है. लेकिन इस बार कोलकाता में होने वाली रथ यात्रा कुछ खास होने वाली है. क्योंकि भगवान जगन्नाथ का रथ इस बार चलेगा उन टायरों पर, जो आमतौर पर भारतीय वायुसेना के सुखोई लड़ाकू विमानों में लगाए जाते हैं.
48 साल से Boeing के टायरों पर चल रहा था रथ ISKCON (इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस), जो पिछले 5 दशकों से कोलकाता में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का आयोजन कर रही है, अब तक Boeing-747 विमान के सेकेंड हैंड टायरों का इस्तेमाल कर रही थी. ये टायर कभी कोलकाता एयरपोर्ट से लिए गए थे. पर अब ये टायर बूढ़े हो चुके हैं. पिछले साल रथ यात्रा के दौरान एक्सल संबंधी दिक्कतें सामने आईं, जिसके बाद नए टायरों की तलाश शुरू हुई.
कंपनी से आयोजकों को 4 सुखोई के टायर मिले ISKCON के वाइस प्रेसिडेंट राधारमण दास के मुताबिक, जब उन्होंने टायर निर्माता कंपनी MRF से संपर्क किया और सुखोई फाइटर जेट्स के टायर मांगे, तो वहां के अधिकारी हैरान रह गए.लेकिन ISKCON की गंभीरता और श्रद्धा देखकर MRF की टीम ने खुद आकर चेक किया कि पुराने टायर वाकई Boeing जेट के थे. जांच के बाद MRF ने चार टायर बेचने के लिए हामी भरी.
सुखोई टायरों से हुआ 24 KM का ड्राई रन 31 मई की रात, भगवान जगन्नाथ का रथ इन नए टायरों पर कोलकाता की सड़कों पर निकला. यह 24 किलोमीटर लंबा ड्राई रन था ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि टायर सही ढंग से फिट हैं.इन टायरों की कीमत करीब ₹1.72 लाख रुपए प्रति टायर है और हर एक टायर 16 टन वजन सहने की क्षमता रखता है. 27 जुलाई 2025 को जब हजारों भक्त रथ के रस्से खींचेंगे, तो वो रस्से नहीं सिर्फ श्रद्धा खींच रहे होंगे, बल्कि उस रथ को खींचेंगे जिसके नीचे होंगे वही टायर, जिन पर आसमान चीरते हैं सुखोई फाइटर जेट्स.
कोलकाता में इस्कॉन 1972 से हर साल भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा का आयोजन कर रहा है. यह एक ऐतिहासिक वैष्णव उत्सव है, जिसमें हजारों श्रद्धालु सड़कों पर उमड़ते हैं और भगवान के रथ को खींचने का सौभाग्य पाते हैं. इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ पूरे शहर में भ्रमण करते हैं, और ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक विशाल मेला भी लगता है. लेकिन इस बार, करीब 50 साल बाद, रथ यात्रा में कुछ ऐसा होने जा रहा है जो पहले कभी नहीं हुआ.

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