
सफाई कर्मियों के सम्मान में MCD करेगी स्वच्छता क्रिकेट प्रीमियर लीग का आयोजन
AajTak
यह लीग-कम-नॉकआउट प्रारूप में खेली जाएगी, जिसमें भाग लेने वाली टीमों को चार समूहों में विभाजित किया गया है. प्रत्येक मैच 10 ओवर का होगा, हालांकि सेमी-फाइनल और फाइनल मैच अधिक प्रतिस्पर्धा और रोमांचक के लिए 20 ओवर के रखे गए हैं.
दिल्ली नगर निगम (MCD) 16 सितंबर से 30 सितंबर तक नजफगढ़ जोन में स्वच्छता क्रिकेट प्रीमियर लीग का आयोजन कर रहा है. यह लीग 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य उन स्वच्छता सैनिकों के अथक प्रयासों को पहचानना और उनका उत्सव मनाना है, जो हमारे शहर को साफ रखने के लिए दिन-रात काम करते हैं.
स्वच्छता क्रिकेट प्रीमियर लीग के सभी मैच वार्ड 126, खैरा गांव में स्थित हरिकिशन क्रिकेट ग्राउंड में खेले जाएंगे. खास बात यह है कि केवल स्वच्छता कर्मी ही इस लीग में भाग ले सकेंगे. यह लीग उन मेहनती स्वच्छता कर्मचारियों के लिए एक विशेष आयोजन है, जो हमारे समुदाय की स्वच्छता और स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण योगदान देते हैं.
यह लीग-कम-नॉकआउट प्रारूप में खेली जाएगी, जिसमें भाग लेने वाली टीमों को चार समूहों में विभाजित किया गया है. प्रत्येक मैच 10 ओवर का होगा, हालांकि सेमी-फाइनल और फाइनल मैच अधिक प्रतिस्पर्धा और रोमांचक के लिए 20 ओवर के रखे गए हैं.
यह क्रिकेट लीग न केवल हमारे स्वच्छता सैनिकों के एथलेटिक कौशल को प्रदर्शित करने का एक मंच है, बल्कि शहर की स्वच्छता और भलाई के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का सम्मान भी है. यह एमसीडी द्वारा उनके योगदान की सराहना का प्रतीक है और उनके महत्वपूर्ण कार्यों को उजागर करने का प्रयास है. स्वच्छता क्रिकेट प्रीमियर लीग में 12 टीमें हिस्सा लेंगी, जिनमें से हर एक दिल्ली नगर निगम के एक अलग ज़ोन का प्रतिनिधित्व करेगी.
सेंट्रल जोन की टीम का नाम सेंट्रल नाइट राइडर्स है, जबकि सिटी एसपी जोन का प्रतिनिधित्व सिटी एसपी स्ट्राइकर्स करेंगे. सिविल लाइन्स जोन की टीम सिविल लाइन्स मार्वल्स कहलाएगी, और करोल बाग जोन की टीम करोल बाग महाराजा होगी. केशवपुरम जोन का प्रतिनिधित्व केशवपुरम किंग्स करेंगे, और नजफगढ़ जोन की टीम नजफगढ़ स्टैलियन के नाम से जानी जाएगी. नरेला जोन की टीम नरेला यूनाइटेड होगी, जबकि रोहिणी जोन का प्रतिनिधित्व रोहिणी रॉयल्स करेंगे.
साउथ जोन की टीम साउथ स्टार्स होगी, जबकि शाहदरा नॉर्थ जोन और शाहदरा साउथ जोन का प्रतिनिधित्व शाहदरा नॉर्थ फाल्कन्स और शाहदरा साउथ ब्लास्टर्स करेंगे. वेस्ट जोन की टीम वेस्ट टाइटन्स के नाम से प्रतियोगिता में हिस्सा लेगी. दिल्ली नगर निगम ने लोगों से स्टेडियम पहुंच कर अपने-अपने जोन की टीमों का उत्साहवर्धन करने और समाज के असली नायकों– स्वच्छता सैनिकों के कार्यों का सम्मान करने का आग्रह किया है. इस पहल से नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी.

उत्तराखंड की चार धाम यात्रा के मंदिर परिसरों में इस साल से मोबाइल फोन और कैमरों पर पूरी तरह से बैन रहेगा. दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद CAQM ने GRAP-4 लागू कर दिया है. ट्रकों की दिल्ली में एंट्री बंद कर दी गई है और स्कूलों को हाइब्रिड मोड में चलाने का निर्देश दिया गया है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे. प्रधानमंत्री की अगुवाई में US कॉन्सुलेट तक मार्च निकाला गया.

माघ मेले का तीसरा और सबसे बड़ा स्नान पर्व मौनी अमावस्या आज मनाया जा रहा है. इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज के संगम स्थल पर एकत्र हुए हैं. ब्रह्म मुहूर्त में सुबह चार बजे से स्नान आरंभ हो गया है जो दिन भर चलता रहेगा. स्थानीय प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि इस वर्ष तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालु मौनी अमावस्या के स्नान के लिए संगम क्षेत्र में पहुंचेगे.

जोशीमठ क्षेत्र में जंगलों में लग रही आग का सिलसिला अब भी जारी है. फूलों की घाटी, थेंग गांव, तपोवन रेंज और नीति घाटी के जंगलों में तगड़ी आग भड़क चुकी है. खासकर जोशीमठ के सामने चाई गांव के जंगलों में भीषण आग लगातार फैल रही है. कई दिन से बारिश और बर्फबारी न होने की वजह से पहाड़ सूखे हुए हैं जिसका असर जंगलों पर पड़ रहा है.

महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने साइबर ठगी के केस में कार्रवाई की है. मुंबई के रहने वाले 72 साल के बुजुर्ग से 58.13 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में कोर्ट के आदेश के बाद पहली किस्त के रूप में 2 करोड़ रुपये की राशि वापस कराई गई है. पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों की संपत्तियां फ्रीज की हैं, जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार है.

बागेश्वर के उत्तरायणी मेले में हिमालयी कुत्तों की खास बाजार लोगों का ध्यान खींच रही है. पहाड़ी इलाकों से आए व्यापारी हिमालयन शीपडॉग बेच रहे हैं, जिनकी कीमत 5,000 से 25,000 रुपये तक है. ये कुत्ते अपनी वफादारी और साहस के लिए जाने जाते हैं और जंगली जानवरों से भी मुकाबला करते हैं. पहले ग्रामीण इलाकों तक सीमित यह नस्ल अब शहरों में भी तेजी से लोकप्रिय हो रही है.








