
वैगनर आर्मी: पुतिन के कहने पर जो करते थे जान कुर्बान, अब बने कट्टर दुश्मन, कहानी येवगेनी की प्राइवेट सेना की
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के वफादार येवगेनी विक्टरोविच प्रिगोझिन ने अब उनके खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है. उसने अपनी वैगनर मिलिट्री को मास्को की सकड़ों पर उतार दिया है. रोस्तव सिटी में उसकी सेना ने एक इमारत पर कब्जा भी कर लिया है. उसने ऐलान कर दिया है कि वह उसका कहना है कि उसके 25,000 जवान मरने को तैयार हैं.
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की निजी आर्मी वैगनर ग्रुप ने ही उनके खिलाफ बगावत कर दी है. वैगनर ग्रुप कभी पुतिन का समर्थक हुआ करता था और यूक्रेन में रूस की ओर से लड़ रहा था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब वैगनर ग्रुप के लीडर येवगेनी विक्टरोविच प्रिगोझिन ने अपने लड़ाकों को रोस्तोव शहर में भेज दिया है. येवगेनी का दावा है कि उसने यहां सेना मुख्यालय और एक हवाई अड्डे समेत शहर के सैन्य स्थलों को कब्जा कर लिया है. सड़कों पर टैंकों को उतार दिया है. रूसी सेना के साथ उनकी झड़प की खबरें भी सामने आ रही हैं. उसका कहना है कि उसके 25,000 जवान मरने को तैयार हैं.
प्रिगोझिन ने खुलेआम कह दिया है कि जो कोई भी हमारे सेंटर्स में प्रवेश करेगा वह इसके लिए जवाबदेह होगा. इसके बाद रोस्तोव में रूसी अधिकारियों ने लोगों को घरों में ही रहने की अपील की है. वहीं रूसी सेना ने भी अपनी पूरी तैयारी कर ली है. मॉस्को को कनेक्ट करने वाले हाई-वे को बंद कर दिया गया है. इसके अलावा येवगेनी की गिरफ्तारी के आदेश भी जारी कर दिए हैं. पुतिन के लिए वैगनर ग्रुप का विद्रोह एक बड़ा झटका है क्योंकि यह ग्रुप यूक्रेन से युद्ध में उनकी मदद कर रहा था. जानते हैं वैगनर ग्रुप की पूरी कहानी.
पुतिन का सबसे बड़ा संकट! प्राइवेट आर्मी वैगनर ने की बगावत, मॉस्को की सड़कों पर उतरे टैंक
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वैगनर ग्रुप ने अपने ऑडियो मैसेज के जरिए आरोप लगाया कि रूस की सेना ने हमारे शिविरों पर मिसाइल हमले किए, जिससे बड़ी संख्या में हमारे लड़ाके, हमारे साथी मारे गए.' मैसेज में आगे कह कि हमारे कमांडरों की परिषद ने फैसला लिया है कि देश का सैन्य नेतृत्व जो बुराई लाता है, उसे रोका जाना चाहिए. जो कोई भी प्रतिरोध करेगा - हम इसे खतरा मानेंगे और इसे तुरंत नष्ट कर देंगे. यह कोई सैन्य तख्तापलट नहीं है, बल्कि न्याय का मार्च है.'
10 साल पहले बना था ग्रुप

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