
वारदात: नफरती साजिश की चौंकानेवाली कहानी, जानें क्या है बुल्ली बाई मामला
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साल का पहला दिन 'गिटहब' प्लेटफॉर्म पर एक एप चमकता है. वो एप जिसमें सौ से ज़्यादा मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें चस्पां हैं और इन महिलाओं को ऑक्शन यानी नीलामी के लिए उपलब्ध बताया गया है. देखते ही देखते इस एप के ग्रैब्स और लिंक्स ट्विटर की टाइमलाइन पर भी अपियर होने लगते हैं. सोशल मीडिया में इस एप से जुड़े मैसेजेज़ की बाढ़ सी आ जाती है. एप का नाम है, बुल्ली बाई. बुल्लीबाई, बुल्ली डील्स, सुल्ली डील्स जैसे हैशटैग्स के साथ इस एप में अलग-अलग लड़कियों और महिलाओं की तस्वीरें मौजूद हैं और तस्वीरों के साथ कैप्शन है, ये आज की आपकी बुल्ली बाई है. ख़ास बात ये है कि एप में लिस्टेड इन चेहरों में ज़्यादातर उन हिंदुस्तानी मुस्लिम महिलाओं के हैं, जो या तो सेलिब्रिटी हैं, पत्रकार हैं या फिर सोशललाइट. कहने का मतलब ये कि एप में दिखने वाली इन महिलाओं का अपना एक वजूद है, अपनी एक हस्ती. लेकिन फिर सवाल ये है कि आख़िर ये महिलाएं नीलामी के कैसे उपलब्ध हो सकती हैं? इस पर देखें वारदात.

बीएमसी चुनाव में मिली जीत के बाद बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने प्रमुख राजनीतिक नेताओं पर अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने कहा कि बाला साहेब ठाकरे जी ने सोनिया गांधी के सामने कभी झुकने से इनकार किया था, लेकिन आज उनके पुत्र उद्धव ठाकरे कांग्रेस के साथ हैं और महाविकास अघाड़ी अब पिछड़ा गठबंधन बन गई है. पीएम मोदी और सीएम फडणवीस महाराष्ट्र के विकास को लेकर काम कर रहे हैं.

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मेंढर इलाके में PIA के लोगो वाला विमान के आकार का संदिग्ध गुब्बारा मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुट गई हैं. इससे पहले भी सांबा जिले के रामगढ़ क्षेत्र में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ लिखा गुब्बारा भी बरामद किया जा चुका है. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के चलते सीमा से सटे इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है.

इस एपिसोड में प्राइवेट अस्पतालों में इलाज के नाम पर हो रही लूट की कहानी बयान की गई है. लखनऊ के नीरज मिश्रा, रांची के तिवारी परिवार, मुंगेर के टिंकू और भोपाल की शालू यादव के अनुभवों से पता चलता है कि कैसे मरीजों को भारी बिल देकर भी सही इलाज नहीं मिलता. कई अस्पतालों में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ होता है और जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं. इस रिपोर्ट में सरकारी और निजी अस्पतालों की स्थिति, मरीजों की परेशानियां और प्रशासन की लापरवाही की पूरी जांच-पड़ताल की गई है.

मुंबई की सत्ता की असली परीक्षा माने जाने वाले बीएमसी चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर शहर की राजनीति को केंद्र में ला दिया है. देश की सबसे अमीर नगर निगम के जनादेश को सिर्फ स्थानीय चुनाव नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की सियासत की दिशा तय करने वाला संकेत माना जा रहा है. विकास, जवाबदेही और नेतृत्व को लेकर जनता के फैसले पर अब सभी दल अपनी-अपनी व्याख्या कर रहे हैं.

महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों के नतीजों के बीच शिवसेना (शिंदे गुट) नेता संजय निरुपम ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की पार्टियों पर तीखा हमला बोला है. निरुपम ने कहा कि मुंबई अब भाषा और प्रांत की राजनीति से आगे निकल चुकी है और उसे ज़हर भरे विचार नहीं बल्कि विकास चाहिए. उनके मुताबिक, मुंबईकरों ने एजेंडा तय कर दिया है. विकास, विकास और सिर्फ विकास.








