
रोबोटिक लेग पहनते ही दौड़ पड़ा अमेरिकन क्रिएटर, वीडियो ने बटोरे लाखों व्यूज
AajTak
चीन की तकनीक ने फिर कमाल दिखाया है. इस बार वायरल हो रहा है ऐसा इनोवेशन, जिसे देखकर लोग कह रहे हैं- अब चलना और दौड़ना कभी इतना आसान नहीं था.
चीन की तकनीक हमेशा दुनिया से आगे मानी जाती है. ताजा उदाहरण है उसका नया इनोवेशन, जिसका वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस बार चीन ने तकनीक की दुनिया में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए ऐसे रोबोटिक पैर तैयार किए हैं, जो इंसानों को चलने, दौड़ने और पहाड़ों पर चढ़ने में मदद करते हैं. हाल ही में एक अमेरिकी कंटेंट क्रिएटर क्रिश्चियन ग्रॉसी ने इन रोबोटिक पैरों को चीन में आजमाया और उनका अनुभव देखकर हर कोई दंग रह गया.
ग्रॉसी ने इस पूरे अनुभव का वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया, जो वायरल होते ही चर्चा का विषय बन गया. वीडियो में वे कहते नजर आए कि ये खुद मेरे लिए चल रहा है.
‘चलना हुआ आसान’
वीडियो में दिखता है कि एक स्टाफ मेंबर ने करीब 1.8 किलो वजनी रोबोटिक पैर ग्रॉसी के घुटनों पर बांध दिए.जैसे ही उन्होंने चलना शुरू किया, ये पैर अपने आप मूव करने लगे.
ग्रॉसी की प्रतिक्रिया साफ तौर पर हैरानी से भरी थी. उन्होंने कहा कि चलना आसान हो गया है. जब वे दौड़ने लगे, तो रोबोटिक पैर उनके मूवमेंट के साथ खुद को एडजस्ट करने लगे. खास बात यह रही कि जब उन्होंने इन्हें मैक्सिमम पावर पर सेट किया, तो पैर लगभग खुद ही दौड़ने लगे और उन्हें ज्यादा मेहनत करने की जरूरत ही नहीं पड़ी.
देखें वीडियो

क्या एलॉन मस्क एक स्मार्टफोन लॉन्च करने वाले हैं? इसकी चर्चा मस्क के एक कमेंट के बाद शुरू हुई है. मस्क ने X पर Starlink Phone को लेकर एक यूजर के कमेंट का जवाब दिया है. मस्क ने कहा कि ऐसा होना असंभव नहीं है. हालांकि, उनका फोन मौजूदा स्मार्टफोन्स से काफी अलग होगा, जो मैक्सिमम परफॉर्मेंस पर फोकस करेगा.

दुबई के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाली राजकुमारी 2019 में अपने पति के डर से भाग गई और ब्रिटेन में जाकर शरण ले ली. यह दावा करते हुए कि उसे अपने पति से जान का खतरा है. क्योंकि उसे पता चला था कि शेख ने पहले अपनी ही दो बेटियों का अपहरण कर लिया था और उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध दुबई वापस ले आया था. अब वह ब्रिटेन के एक गांव में अपना शाही आशियाना बना रही हैं.

Chalisa Yog: ज्योतिष शास्त्र में चालीसा योग उस स्थिति को कहा जाता है जब दो ग्रह आपस में 40 अंश (डिग्री) की दूरी पर स्थित होते हैं. इस योग का नाम ही “चालीसा” है, क्योंकि इसका संबंध 40 अंश के अंतर से होता है. चालीसा योग का प्रभाव हर राशि पर समान नहीं होता. यह ग्रहों की स्थिति, भाव और व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है कि यह योग शुभ फल देगा या सावधानी की जरूरत पैदा करेगा.










