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रूस-यूक्रेन लड़ाई में पुतिन के समर्थन में खड़े भारतीय चेहरे निकले फ़र्जी

रूस-यूक्रेन लड़ाई में पुतिन के समर्थन में खड़े भारतीय चेहरे निकले फ़र्जी

BBC
Wednesday, May 18, 2022 07:22:42 AM UTC

सोशल मीडिया ख़ासकर ट्विटर पर यूक्रेन के साथ हो रही लड़ाई में रूस का समर्थन करने वाले कई फ़र्जी प्रोफ़ाइल का पता लगा है. बीबीसी ने इस बारे में किए जा रहे प्रोपैगेंडा की पड़ताल की है.

भारत के सोशल मीडिया इंफ़्लुएंसर ईआर यामिनी ने अपनी ज़िंदगी में कभी ट्वीट नहीं किया. वो इंस्टाग्राम और यूट्यूब के ज़रिए अपने प्रशंसक बढ़ाने को महत्व देती हैं. लेकिन मार्च में एक ट्विटर एकाउंट ने उनकी तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए ट्वीट किया, "#IStandWithPutin. True Friendship''. इसमें एक वीडियो भी था, जिसमें दो लोग गले मिल रहे हैं. एक शख्स भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा है और दूसरा रूस का. यामिनी कहती हैं कि रूस-यूक्रेन जंग में न तो वह रूस का समर्थन कर रही हैं और न ही यूक्रेन का.उन्हें अपने फैन्स की चिंता है. वो कहती हैं, ''अगर उन्होंने वो ट्वीट देखा तो वो मेरे बारे में क्या सोचेंगे? मैं उम्मीद करती हूं कि वो मेरे उस फ्रोफाइल की तस्वीर का इस्तेमाल ना करें.'' ये फेक अकाउंट ट्विटर पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को प्रमोट करने वाले एक नेटवर्क का हिस्सा है. इसने दो और तीन मार्च को #IStandWithPutinऔर #IStandWithRussia का इस्तेमाल किया है.

इसकी वजह से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में खास कर भारत, पाकिस्तान दक्षिण अफ्रीका और नाइजीरिया जैसे देशों में युद्ध को समर्थन देने वाले टॉपिक ट्रेंड करने लगे. इस एक्टिविटी का एक हिस्सा ऑर्गेनिक था. मतलब ये वास्तविक लोगों की ओर से क्रिएट किए गए थे. ये कुछ देशों में पुतिन और रूस को मिल रहे वास्तविक समर्थन को दिखाता है. लेकिन कई दूसरे प्रोफाइल नकली लग रहे हैं. उनसे भारी तादाद में मैसेज ट्वीट किए गए हैं. लेकिन वास्तविक मैसेज काफी कम हैं. और ये मैसेज काफी हाल में क्रिएट किए गए हैं. ऑनलाइन माध्यम पर नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों और दुष्प्रचार पर रिसर्च करने वाली कंपनी सीएएसएम टेक्नोलॉजी के को-फाउंडर कार्ल मिलर का कहना है, '' लगता है ये मैसेज बोट्स ने बनाए हैं. इन मैसेज को देखने से ऐसा लगता है कि ये फेक प्रोफाइल और ऐसे एकाउंट से भेजे गए हैं, जिनसे छेड़छाड़ की गई है. ऐसा करके ट्विटर पर पुतिन का समर्थन बढ़ाने की कोशिश की गई है. ''इस कंपनी ने 2 और 3 मार्च को रूस के समर्थन को प्रमोट करने वाले अलग-अलग भाषाओं में ट्वीट करने वालों के 9,907 प्रोफाइल्स ट्रैक किए. इसके बाद सीएएसएम ने पाया कि इनमें से 1000 से ज्यादा अकाउंट्स स्पैम जैसी खासियतों वाले थे. बीबीसी ने नकली लगने वाले ऐसे सैकड़ों प्रोफाइल की पड़ताल की. हमारी रिसर्च ने मिलर की इस राय की पुष्टि कर दी कि पुतिन के समर्थन में मैसेज की बाढ़ लाने वालों इन मैसेज को वास्तविक मैसेज की तरह आगे बढ़ाया गया लेकिन असल में ये फर्जी थे.

रिवर्स इमेज सर्चिंग के जरिये हमने पाया कि इन नकली फ्रोफाइल में जिन तस्वीरों का इस्तेमाल हुआ है वे सेलिब्रिटीज, इन्फ्लुएंसर्स और आम यूजर्स के प्रोफाइल से कॉपी किए गए थे. उन्हें इसका बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उनकी तस्वीर रूस-यूक्रेन जंग में रूस के समर्थन में इस्तेमाल की जा रही है. हमें अभी तक पक्के तौर पर यह पता नहीं चल पाया है कि ये अकाउंट किसने बनाए? क्या इनका कोई कनेक्शन रूसी सरकार से है. प्रीति शर्मा नाम के एक अकाउंट के बायो में कहा गया है कि वे 'मॉडल और एंटरप्रेन्योर'' हैं. इसमें लिखा है कि वह मूल रूप से भारत की रहने वाली हैं लेकिन अब मियामी में रहती हैं. इस अकाउंट को 26 फरवरी को क्रिएट किया गया था. यानी यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के ठीक दो दिन बाद. इसके एक री-ट्वीट में कहा गया है कि 'पुतिन अच्छे आदमी' हैं. लेकिन अकाउंट प्रोफाइल पर जिस महिला की तस्वीर है वो किसी और इलाके में रहती हैं. इसमें जिन निकोल थॉर्न की तस्वीर है वो एक ऑस्ट्रेलियाई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं. उनके इंस्टाग्राम पर 15 लाख फॉलोअर्स हैं. वह ट्विटर पर अपना असली प्रोफाइल कभी-कभी ही इस्तेमाल करती हैं.एक दूसरा अकाउंट एक भारतीय गायक राजा गुज्जर के नाम से सामने आया है. इसका पहला ट्वीट 24 फरवरी को किया गया है. यूक्रेन पर रूस के हमले का यह पहला दिन था. बाकी सभी 178 पोस्ट री-ट्वीट हैं. यह ऑटोमेशन का काफी तगड़ा संकेत दे रहा है.

बीबीसी ने थॉर्न और गुज्जर से संपर्क किया. लेकिन दोनों ने बताया कि ये अकाउंट उनके नहीं हैं. हालांकि कुछ अकाउंट बोट जैसे दिखे लेकिन जांच करने पर पता चला कि सभी नकली नहीं हैं. मिसाल के तौर पर एक प्रोफाइल फरवरी 2022 को क्रिएट किया गया था. इसमें से 2 मार्च को ट्वीट करने की शुरुआत की गई. इसका कोई फॉलोअर नहीं है. रिवर्स सर्चिंग करने पर बीबीसी के सामने एक युवा भारतीय का लिंक्डइन प्रोफाइल आ गया. लेकिन यह सही था. इसे सेंथिल कुमार ने बनाया था, जो एयरोनॉटिकल इंजीनियर हैं. हमने उनसे पूछा कि सिर्फ रूस समर्थक मैसेज भेजने के लिए उन्होंने ये एकाउंट क्यों क्रिएट किया. उन्होंने बताया, '' अमूमन मैं ट्विटर खोल कर ये देखता हूं कि क्या ट्रेंड कर रहा है. मुझे ये पोस्ट दिखे और मैंने बस इन्हें री-ट्वीट कर दिया. '' सेंथिल का मानना है कि रूस पहले से भारत का मददगार रहा है. लिहाजा भारतीयों को भी रूस का समर्थन करना चाहिए. '' हमने उनके अकाउंट के नए होने के बारे में पूछा. इस पर उन्होंने कहा कि वो अपने पुराने अकाउंट का पासवर्ड भूल गए थे. इसलिए ट्विटर पर नया एकाउंट खोला था.

इमेज स्रोत, Twitter यह अकाउंट जनवरी 2022 में बनाया गया, लेकिन इससे पहला ट्वीट 24 फ़रवरी को किया गया. मज़े की बात है कि उसी दिन रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था.

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