
ईरान पर चार दिन में चार अलग बयान, क्या ट्रंप अपनी ही दी डेडलाइन में फंस गए?
BBC
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले चार दिनों में अलग-अलग तरह के बयान दिए हैं. इस बीच कई बार उनके बयानों का असल मतलब समझना भी मुश्किल साबित हो रहा है.
ईरान जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रवैया, कभी कूटनीति तो कभी ध्यान भटकाने वाले क़दमों का मिलाजुला रूप रहा है. इस बीच कई बार उनके बयानों का असल मतलब समझना भी मुश्किल साबित हो रहा है.
शुक्रवार को उन्होंने कहा था कि ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिका का युद्ध 'समाप्ति की ओर है'. लेकिन शनिवार रात तक उन्होंने ईरान को '48 घंटे की डेडलाइन' दे दी कि वह होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोल दे, वरना 'उसे अमेरिका के नए और तीखे हवाई हमलों का सामना करना पड़ेगा.'
अगले दिन, वह गोल्फ़ खेलने गए और दोपहर का समय फ़्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो रिसॉर्ट में बिताया.
सोमवार सुबह, जब ग्लोबल शेयर बाज़ार गिरावट से जूझ रहा था, तो उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ 'रचनात्मक' बातचीत कर रहा है.
इसके बाद वह मेंफिस, टेनेसी गए, जहां उन्होंने एक भाषण दिया और म्यूज़िक आइकन एल्विस प्रेस्ली के ऐतिहासिक घर ग्रेसलैंड का दौरा किया.
इस बीच, ईरान के ठिकानों पर अमेरिका और इसराइल के हवाई हमले जारी हैं. ईरान भी अमेरिकी बलों और उसके मध्य-पूर्वी सहयोगियों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है.
और होर्मुज़ स्ट्रेट पर अब भी आवाजाही बेहद सीमित है.













