
ईरान जंग : तेल के अलावा रोज़मर्रा की ये चीजें हो जाएंगीं महंगी?
BBC
ईरान जंग के झटके अर्थव्यवस्था के दूसरे क्षेत्रों में भी महसूस किए जा सकते हैं. खाद्य सुरक्षा, दवा उद्योग और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद जैसे जीवन से जुड़े क्षेत्रों में इनका असर जल्द ही दिखने लग सकता है.
अमेरिका और इसराइल की ओर से ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध शुरू किए 23 दिन हो चुके हैं.
इस टकराव का असर अब दुनिया की अर्थव्यवस्था पर साफ़ दिखने लगा है.
पिछले 9 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के मानक माने जाने वाले ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतें पहली बार 2022 के बाद 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई थीं.
हालांकि उसी दिन ये गिरकर 95 डॉलर से नीचे आ गई थीं. लेकिन बीते कुछ दिनों में तेल टैंकरों पर किए गए नए हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमत एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास चल रही है.
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27 फरवरी को, यानी संघर्ष शुरू होने से एक दिन पहले, ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतें करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थीं.
ईंधन की कीमतों में आई इस तेज़ बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह है होर्मुज़ स्ट्रेट से समुद्री यातायात का लगभग ठप हो जाना.













