
ड्रोन और मिसाइल हमलों के बावजूद खाड़ी के देश क्यों नहीं कर रहे ईरान पर पलटवार?
BBC
एक्सपर्ट्स का कहना है कि खाड़ी देश जंग में सीधे शामिल होने को लेकर असमंजस में हैं. अगर लगातार हमले होते रहे तो क्या ये देश अपना रुख़ बदल भी सकते हैं?
अमेरिका और इसराइल के साथ अपनी जंग के हिस्से के तौर पर ईरान पूरे खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल हमले करना जारी रखे हुए है.
जब इसराइल ने ईरान के साउथ पार्स पर हमला किया तो जवाबी कार्रवाई में ईरान ने गुरुवार को क़तर के रास लाफ़ान ऊर्जा परिसर पर हमला किया. दोनों ही केंद्र दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस क्षेत्रों का हिस्सा हैं.
अब तक क़तर और अन्य खाड़ी देशों ने बार-बार निशाना बनाए जाने के बाद भी ईरान के ख़िलाफ़ जवाबी कार्रवाई नहीं की है.
वे हमलों से क्यों बच रहे हैं और कौन सी बात उन्हें कार्रवाई के लिए मजबूर कर सकती है?
जब अमेरिका और इसराइल ने 28 फ़रवरी को ईरान के ख़िलाफ़ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया, तो तेहरान ने बिना देरी के जवाबी कार्रवाई सिर्फ़ इसराइल पर ही नहीं बल्कि अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों पर भी हमले किए.
बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब, क़तर, ओमान और ख़ासकर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को निशाना बनाया गया.













