
ईरान युद्ध के बाद से होर्मुज़ स्ट्रेट से गुज़रने वाले क़रीब 100 जहाज़ किस-किस देश के हैं?
BBC
बीबीसी वेरिफ़ाई ने उन जहाज़ों पर नज़र डाली है जो यह सफ़र तय कर रहे हैं, और उन जोखिमों का भी आकलन किया है, जो ये जहाज़ उठा रहे हैं.
बीबीसी वेरिफ़ाई की एक डेटा स्टडी के मुताबिक़ मार्च की शुरुआत से अब तक होर्मुज़ स्ट्रेट से क़रीब सौ जहाज़ ही गुज़रे हैं.
इस क्षेत्र में ईरानी सेना की ओर से जहाज़ों पर समय-समय पर हमले किए जा रहे हैं, जिसकी वजह से आवाजाही पर फ़र्क पड़ा है.
हालाँकि दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज़ स्ट्रेट से ऊर्जा और रोज़मर्रा की ज़रूरतों के कुछ सामान की आवाजाही अभी भी जारी है, लेकिन 28 फ़रवरी से ईरान युद्ध शुरू होने के बाद यहाँ का दैनिक यातायात पहले की तुलना में क़रीब 5% ही रह गया है.
ज्वाइंट मैरिटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर के मुताबिक़, ईरान युद्ध से पहले होर्मुज़ स्ट्रेट से हर दिन क़रीब 138 जहाज़ गुज़रते थे. इन जहाज़ों के ज़रिए दुनिया की कुल तेल सप्लाई का पाँचवाँ हिस्सा यानी क़रीब 20% अलग-अलग देशों तक पहुंचता था.
शिपिंग का विश्लेषण करने वाले 'केप्लर' से मिले आंकड़ों से पता चलता है कि इस महीने अब तक इस संकरे समुद्री रास्ते से 99 जहाज़ गुज़रे हैं. यानी हर रोज़ औसतन केवल 5-6 जहाज़.
बीबीसी वेरिफ़ाई ने उन जहाज़ों पर नज़र डाली है जो यह सफ़र तय कर रहे हैं, और उन जोखिमों का भी आकलन किया है, जो ये जहाज़ उठा रहे हैं.
हमारे विश्लेषण से पता चलता है कि हाल के दिनों में हुई इन यात्राओं में से क़रीब एक-तिहाई यात्राएँ उन जहाज़ों ने की हैं, जिनका ईरान से कोई न कोई संबंध था.













