
ईरान की जंग के बीच भारतीय कामगार किन दिक्कतों का कर रहे हैं सामना, नौकरियों पर कितना ख़तरा
BBC
ईरान के साथ अमेरिका-इसराइल की जंग के कारण खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय कामगारों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है. जो लोग वापस लौटे हैं या भारत से खाड़ी देशों में गए उन्हें लंबा रास्ता लेना पड़ा है.
राहुल रंजन और विनोद श्रीधरन भारत के दो अलग-अलग छोर से आते हैं. लेकिन जब अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच जंग शुरू हुई तो दोनों को अपनी नौकरी की चिंता सताने लगी.
बिहार के रहने वाले रंजन उस अफ़रातफ़री का हिस्सा थे जो सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ईरानी ड्रोन के हमले के बाद फैली थी.
यह दूतावास उनकी इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) कार कंपनी के दफ़्तर के पास ही है. रंजन इस कंपनी में रिसर्च एंड डेवलपमेंट इंजीनियर के तौर पर काम करते हैं.
उधर श्रीधरन को कोच्चि से रियाद जाने वाली फ़्लाइट के रद्द होने का परेशान करने वाला अनुभव हुआ. इस फ़्लाइट के कैंसिल होने के बाद आगे और भी मुश्किलें सामने आईं.
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चार दिन बाद श्रीधरन का वीज़ा ख़त्म हो रहा था. हालांकि रिफ़ाइनरी प्रोजेक्ट्स का काम करने वाली उनकी कंपनी ने उनके वीज़ा का मामला सुलझा लिया.
राहुल रंजन और श्रीधरन ने अपने-अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए घुमावदार रास्ते अपनाए. श्रीधरन ने कोझिकोड से फ़्लाइट ली, रियाद पहुंचे और फिर ट्रेन से दम्माम जाकर अपनी नौकरी दोबारा शुरू की.













