
यूपी उपचुनाव में शिवपाल यादव कहां बिजी हैं? जानिए क्यों कटेहरी में डेरा डालना पड़ा
AajTak
यूपी विधानसभा की 9 रिक्त सीटों के लिए उपचुनाव हो रहे हैं और इन उपचुनावों में चर्चा सपा नेता शिवपाल यादव को लेकर हो रही है. शिवपाल यादव को कटेहरी विधानसभा क्षेत्र में क्यों डेरा डालना पड़ा?
यूपी की नौ विधानसभा सीटों के लिए हो रहे उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रचार की बागडोर संभाल रखी है तो वहीं विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) की ओर से पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव मोर्चे पर हैं. सीएम योगी बनाम अखिलेश हो चुकी उपचुनाव की इस लड़ाई में बात शिवपाल यादव को लेकर भी हो रही है. कभी सपा में टिकट बंटवारे से लेकर चुनाव प्रचार तक, अग्रिम मोर्चे पर नजर आने वाले शिवपाल यादव की इन उपचुनावों में क्या भूमिका है? चर्चा इस बात को लेकर भी हो रही है.
इस तरह की चर्चाएं बेवजह भी नहीं हैं. दरअसल, सपा ने उपचुनाव के लिए 19 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की थी. इस लिस्ट में शिवपाल का नाम छठे नंबर पर था. सपा समर्थकों को उम्मीद थी कि नौ ही सीटों की बात है. ऐसे में शिवपाल हर सीट पर रैली करेंगे. उपचुनाव के लिए प्रचार अब अंतिम चरण में है. चुनाव प्रचार के लिए अब तीन दिन का ही समय बचा है. कुछ सीटों पर तो शिवपाल ने ताबड़तोड़ रैलियां की भी हैं लेकिन हर सीट पर उनके कार्यक्रम नहीं हो सके हैं. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि शिवपाल कहां हैं?
शिवपाल के सामने कटेहरी सीट बचाने की चुनौती
सपा ने इन उपचुनावों में शिवपाल यादव को कटेहरी विधानसभा सीट का प्रभारी बनाया है. कटेहरी विधानसभा सीट के चुनावी अतीत की बात करें तो इस सीट पर साल 1991 से अब तक हुए चुनावों में एक बार बीजेपी और दो बार सपा को जीत मिली है. तीन चुनाव छोड़ दें तो हर बार इस सीट पर हाथी दौड़ा है. यूपी चुनाव 1991 में बीजेपी के अनिल तिवारी, 1993 में बसपा के रामदेव वर्मा, 1996 से 2007 तक लगातार तीन बार बसपा के धर्मराज निषाद विधायक रहे. चार चुनाव से चला आ रहा बसपा का विजयरथ 2012 के विधानसभा चुनाव में सपा ने रोक दिया था.
यूपी चुनाव 2012 में सपा के शंखलाल मांझी जीते थे लेकिन 2017 में यह सीट लालजी वर्मा ने फिर से बसपा की झोली में डाल दी. 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले लालजी वर्मा बसपा छोड़ सपा में शामिल हो गए और चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचने में भी सफल रहे. लालजी वर्मा को लोकसभा चुनाव में सपा ने अंबेडकरनगर सीट से टिकट दिया था और वे जीते भी.
लोकसभा सदस्य निर्वाचित होने के बाद लालजी वर्मा ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. सपा विधायक के सांसद बन जाने से रिक्त हुई कटेहरी सीट पर बीजेपी-बसपा की मजबूत किलेबंदी को भेद फिर से साइकिल दौड़ाने की कोशिश में अखिलेश यादव की पार्टी ने शिवपाल यादव जैसे दिग्गज नेता को प्रभारी की जिम्मेदारी सौंप रखी है.

वाराणसी में गंगा नदी में नाव पर इफ्तार करने के मामले में 14 मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी पर सियासी विवाद बढ़ गया है. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पुलिस कार्रवाई को भेदभावपूर्ण बताते हुए सवाल उठाए हैं. वायरल वीडियो के आधार पर केस दर्ज हुआ था. पुलिस ने धार्मिक भावनाएं आहत करने सहित कई धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

मिडिल ईस्ट में जारी जंग का असर अब देश में गहराने लगा है. गैस संकट देश में बढ़ने की आशंका है. देश में गैस की किल्लत देखी जा रही है. युद्ध की वजह से महंगाई बढ़ने की आशंका बढ़ गई है. मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच भारत में प्रीमियम पेट्रोल के दाम में बढ़ोतरी की गई है. प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2 से 2.30 रुपये का इजाफा किया गया है. नॉर्मल पेट्रोल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

धुरंधर पार्ट 2 की.. जो सिनेमाघरों में रिलीज़ हो चुकी है और लगातार नये रिकॉर्ड बना रही है.. लेकिन इसके साथ ही इस फिल्म में एक नया विवाद शुरू हो गया है.. धुरंधर पार्ट 1 में पाकिस्तान की साजिशों का पर्दाफाश हुआ था.. धुरंधर 2 में कुछ ऐसा है कि देश के विपक्ष को ये फिल्म पसंद नहीं आ रही है.. आरोप लग रहा है कि सरकार का एजेंडा सेट करने के लिए ये फिल्म बनी है.. हकीकत क्या है.

खाड़ी देश में तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा, जिसका सीधा असर तेल और गैस पर पड़ रहा है जिसकी चपेट में पूरी दुनिया आ रही है. इस बीच अमेरिका और इजरायल के हमले का जवाब देने के लिए ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अपना एक खास हथियार बना लिया है. इस समुद्री गलियारे पर नियंत्रण के जरिए ईरान ने दुनिया के व्यापार को प्रभावित किया है और अब ईरान ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से टैक्स वसूलना शूरू कर दिया है. जिसने दुनिया भर के देशों की टेंशन बढ़ा दी है.

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध का आज 21वां दिन है, और दोनों ओर के लगातार हमलों के बीच जिस सवाल का जवाब दुनिया जानना चाहती है. वो ये है कि इस युद्ध का धुरंधर कौन है? ईरान के सरेंडर की ख्वाहिश पाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान की ओर से कई सरप्राइज मिले हैं. चाहे, वो खाड़ी देशों के अमेरिकी बेस पर ईरानी हमले हों, चाहे इजरायल और खाड़ी देशों के तेल-गैस के ठिकानों पर ईरान का पलटवार हो या अमेरिका के F-35 जैसे अत्याधुनिक विमानों को गंवाने से अमेरिका के लिए बढ़ रही युद्ध की कीमत हो.

राजधानी दिल्ली में मौसम का मिजाज बीते दो-तीन दिनों से बदला हुआ है और आज सुबह भी राजधानी दिल्ली में बारिश रुक-रुक कर हो रही है...सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए हैं...ये बदलाव ऐसे समय पर आया है जब कुछ दिनों से गर्मी बढ़ने लगी थी और गर्मियों का मौसम आने वाला था..लेकिन वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से मौसम में हुए बदलाव ने नजारा बिल्कुल बदल दिया है







