
यूक्रेन से युद्ध के बीच रूस ने बदली न्यूक्लियर पॉलिसी... वेस्ट को दी वार्निंग
AajTak
रूस ने कहा कि परमाणु हथियार नीति में किए गए बदलाव पश्चिमी देशों के लिए एक संकेत हैं कि वे रूस पर हमले में भागीदार बनेंगे तो इसके परिणाम भुगतने होंगे. क्रेमलिन ने कहा कि अगर रूस पर पारंपरिक मिसाइलों से हमला होता है, तो वे परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकते हैं.
यूक्रेन से युद्ध के बीच रूस ने अपनी न्यूक्लियर पॉलिसी में बदलाव किया है. इसके साथ ही चेतावनी दी कि यह पश्चिमी देशों के लिए एक चेतावनी है. नीतियों में इस बदलाव के साथ ही रूस ने कहा है कि अगर उसपर पारंपरिक मिसाइलों से हमले किए जाते हैं तो वे न्यूक्लियर हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है.
क्रेमलिन के एक प्रवक्ता ने कहा कि मास्को परमाणु संपन्न देश के समर्थन से अगर यूक्रेन किसी तरह की कार्रवाई करता है तो वे उसे सिर्फ यूक्रेन का नहीं बल्कि पश्चिमी देशों का संयुक्त हमला मानेंगे. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बताया कि "द फाउंडेशंस ऑफ स्टेट पॉलिसी इन द स्फेयर ऑफ न्यूक्लियर डिटरेंस" दस्तावेज में संशोधन किए गए हैं.
यह भी पढ़ें: इस्लाम, ईसाई और यहूदी... क्यों इन धर्मों के लिए खास है इजरायल का जेरूसलम?
अगर पश्चिमी देश किसी भी तरह से हमले में शामिल होते हैं तो...
जब क्रेमलिन के प्रवक्ता से पूछा गया कि क्या यह बदलाव पश्चिमी देशों के लिए एक संकेत है, तो उन्होंने जवाब दिया, "यह निश्चित रूप से एक संकेत के रूप में लिया जाना चाहिए." पेस्कोव ने कहा, "यह उन देशों को एक चेतावनी है कि अगर वे हमारे देश पर हमले में हिस्सा लेते हैं, चाहे वह परमाणु हथियारों के माध्यम से हो या अन्य किसी माध्यम से, तो उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे."
क्रेमलिन प्रवक्ता पेस्कोव ने यह भी कहा कि, "विश्व एक अभूतपूर्व संघर्ष का साक्षी है, जिसे यूक्रेन युद्ध में पश्चिमी देशों, विशेष रूप से परमाणु शक्तियों की सीधी भागीदारी है."

इजरायल ने ईरान के इस्फहान स्थित नौसैनिक रिसर्च सेंटर पर हमला कर उसकी पनडुब्बी निर्माण क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. यह केंद्र नौसेना के लिए पनडुब्बियों और सिस्टम विकसित करने का प्रमुख ठिकाना था. इस कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमता प्रभावित हुई है और क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है. दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की ओर मिसाइल दागने का दावा किया है.

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वे ईरान से बातचीत कर रहे हैं और होर्मुज स्ट्रेट की उसके साथ संयुक्त निगरानी करेंगे. एक महीने से ईरान पर कहर बरपा रहे ट्रंप पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा है. दुनियाभर के मीडिया आउटलेट्स ये कयास लगा रहे हैं कि ट्रंप की तैयारी होर्मुज स्ट्रेट पर बड़े हमले की है. जहां ईरान ने नाकाबंदी की हुई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान पर नया बयान देकर दुनिया को चौंका दिया है. ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है और वो समझौता करेंगे. साथ ही उन्होनें ये भी कहा कि ईरान ने अमेरिका को एक तोहफा दिया जो बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण है. ट्रंप ने आगे ये बाताया कि ये तोहपा तेल और गैस से जुड़ा है.










