
यहूदियों ने लगाया अरब मुर्दाबाद का नारा, भड़के इजरायली विदेश मंत्री
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यरुशल में यहूदी प्रदर्शनकारियों ने मार्च के दौरान 'अरब मुर्दाबाद' के नारे लगाए. इसे लेकर इजरायल के विदेश मंत्री यैर लैपिड ने नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि यहूदी ऐसे नहीं होते. एक इजरायली के लिए भी यह ठीक नहीं है. निश्चित तौर पर हमारा राष्ट्रध्वज भी इसकी अनुमति नहीं देता है.
इजरायल में हजारों की तादाद में दक्षिणपंथी राष्ट्रवादियों ने पूर्वी यरुशलम में राष्ट्रध्वज के साथ मंगलवार को मार्च निकाला. इस मार्च के चलते इजरायल का फिलिस्तीन के साथ फिर से तनाव बढ़ गया है. इजरायल में नई गठबंधन सरकार को बने दो दिन ही हुए हैं और नई चुनौती सामने आ गई है. इस फ्लैग मार्च में यहूदी प्रदर्शनकारियों ने 'अरब मुर्दाबाद' के नारे लगाए जिसे लेकर इजरायल के विदेश मंत्री यैर लैपिड ने नाराजगी जाहिर की है. (फोटो-AP) येर लैपिड ने अरब मुर्दाबाद के नारे पर हिब्रू भाषा में ट्वीट किया, 'यहूदी ऐसे नहीं होते. एक इजरायली के लिए भी यह ठीक नहीं है. निश्चित तौर पर हमारा राष्ट्रध्वज भी इसकी अनुमति नहीं देता है. हाथ में इजरायली ध्वज लेकर हम नफरत की भाषा नहीं बोल सकते. यह माफी लायक नहीं है. ये कैसे हो सकता है कि आपने हाथ में इजरायली झंडा ले रखा है और अरब मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं.' (फोटो-@ArabNewsjp) את מצעד הדגלים במתכונת הנוכחית צריך היה לאשר. אני מברך את שר לבט״פ @omerbarlev על עבודת המטה המצוינת וניהול האירוע. יחד עם זאת, העובדה שיש גורמים קיצוניים שבשבילם דגל ישראל מייצג שנאה וגזענות היא מתועבת ובלתי נסלחת.
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.







