
मोदी और ताइवानी राष्ट्रपति की बातचीत पर भड़का चीन, ताइवान ने दिखा दिया आइना
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ताइवान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों नेताओं (लाई चिंग और मोदी) के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत पर चीन का प्रतिरोध बिल्कुल गलत है. धमकियों से दोस्तियां नहीं होती. ताइवान, भारत के साथ साझेदारी बढ़ाने को लेकर समर्पित है. ये संबंध परस्पर लाभ और साझा मूल्यों पर आधारित हैं.
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की लगातार तीसरी बार जीत के बाद ताइवान के राष्ट्रपति और नरेंद्र मोदी के बीच सोशल मीडिया पर हुई बातचीत को लेकर चीन चिढ़ा हुआ है. ताइवान के राष्ट्रपति की बधाई पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया को लेकर चीन ने कड़ा विरोध जताया. अब ताइवान ने चीन की इस हरकत पर ऐतराज जताया है.
ताइवान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों नेताओं (लाई चिंग और मोदी) के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत पर चीन का प्रतिरोध बिल्कुल गलत है. धमकियों से दोस्तियां नहीं होती. ताइवान, भारत के साथ साझेदारी बढ़ाने को लेकर समर्पित है. ये संबंध परस्पर लाभ और साझा मूल्यों पर आधारित हैं.
कहां से शुरू हुआ विवाद?
2024 लोकसभा चुनाव में मोदी की अगुवाई में एनडीए की जीत के बाद ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग ते ने मोदी को बधाई देते हुए सोशल मीडिया पर कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी चुनावी जीत पर हार्दिक बधाई. हम तेजी से बढ़ती ताइवान-भारत साझेदारी को और बढ़ाने, व्यापार, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में हमारे सहयोग का विस्तार करने के लिए तत्पर हैं ताकि इंडो पैसिफिक में शांति और समृद्धि में योगदान दिया जा सके.
चिंग ते की इसी बधाई पर पीएम मोदी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि आपके गर्मजोशी भरे संदेश के लिए धन्यवाद लाई चिंग ते. मैं पारस्परिक रूप से लाभप्रद आर्थिक और तकनीकी साझेदारी की दिशा में काम करते हुए और भी घनिष्ठ संबंधों की आशा करता हूं.
चीन को दिक्कत क्या है?

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