
मिसाइल विवाद के बाद पाकिस्तान की शर्त नहीं मान रहा भारत, इमरान सरकार ने उठाया ये कदम
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पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने भारत से मिसाइल विवाद को लेकर यूएन महासचिव से बात की है. उन्होंने कहा है कि ये घटना भारत की गैर-जिम्मेदाराना हरकत है. वहीं, एक पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा है कि अगर भारत संयुक्त जांच की मांग को स्वीकार नहीं करता तो पाकिस्तान अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है.
भारतीय मिसाइल के तकनीकी खराबी के कारण पाकिस्तान में क्रैश हो जाने को लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटरेस से बात की है. उन्होंने यूएन महासचिव को भारत की तरफ से 9 मार्च को पाकिस्तान में क्रैश हुए मिसाइल की जानकारी दी और कहा कि ये घटना विमानन सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए भारत की उपेक्षा को दिखाती है.
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने यूएन महासचिव से फोन पर बातचीत में कहा कि ये भारत की ये हरकत गैर-जिम्मेदाराना थी. उन्होंने कहा कि इस घटना को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सहित अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा संबोधित करने की आवश्यकता थी. साथ ही उन्होंने यूएन महासचिव से कहा कि पाकिस्तान इस मामले पर भारत से संयुक्त जांच की मांग कर रहा है.
पाकिस्तानी अधिकारी ने संयुक्त जांच को लेकर भारत को चेताया
पाकिस्तान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि भारत अगर संयुक्त जांच पर सहमत नहीं होता तो पाकिस्तान अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है. अधिकारी ने सोमवार को पाकिस्तानी अखबार, द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया, 'हम अभी भी भारत की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं.'
अधिकारी ने कहा कि ये कोई सामान्य मसला नहीं है जिसे दरकिनार कर दिया जाए. उन्होंने कहा, 'अगर भारत संयुक्त जांच पर सहमत होने से इनकार करता है तो हम विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहे हैं.' हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारी ने ये नहीं बताया कि पाकिस्तान किस तरह के विकल्पों पर विचार कर रहा है.
पाकिस्तानी अधिकारी ने कहा है पाकिस्तान इस मसले को संयुक्त राष्ट्र में ले जाने वाला है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान संबंधित देशों के संपर्क में है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों को स्थिति की गंभीरता के बारे में पहले ही बता चुका है.

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