
मायावती ने कौन से फैक्टर्स के चलते इंडिया गठबंधन से किनारा किया?
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BSP सुप्रीमो मायावती ने जन्मदिन पर 2024 का क्या मंत्र दिया, स्विट्ज़रलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में क्या हलचल है, फिर बात कोहरे की जो ट्रेन और फ्लाइट के लिए विलेन बन गया है. समाधान क्या हो सकता है इसका और सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन को लेकर हेल्थ मिनिस्ट्री की तैयारी कहां अटकी, सुनिए 'दिन भर' में नितिन ठाकुर से.
पिछले कुछ दिनों से इंडिया एलायंस के नेता बसपा प्रमुख मायावती को गठबंधन में शामिल कराने की कोशिश में लगे थे. इसी को ध्यान में रखकर कांग्रेस ने यूपी का प्रभारी अविनाश पांडेय को बनाया था क्योंकि ऐसा कहा जाता है अविनाश पांडेय के रिश्ते बसपा सुप्रीमो से नर्म हैं. उम्मीद तो पूरी थी कि मायावती देर सवेर इंडिया एलायंस में शामिल होंगी लेकिन सारी गुंजाइशों पर खुद बसपा सुप्रीमो ने अपने जन्मदिन की सुबह पानी फेर दिया. उन्होंने साफ किया कि 2024 का चुनाव बहुजन समाज पार्टी अकेले लड़ेगी. किसी गठबंधन या पार्टी के साथ एलायंस नहीं होगी. गठबंधन से फायदा कम, नुकसान ज्यादा होता है उनका. ये भी कहा कि गठबंधन में शामिल दलों के अपर कास्ट का वोट बसपा को नहीं मिलता.
हालांकि मायावती के ये दावे कई राज्यों के विधानसभा चुनाव गलत साबित करते हैं. इसके अलावा यूपी में बसपा 2019 का लोकसभा चुनाव सपा के साथ लड़ी तो उसे 10 सीटें मिली. 2022 का विधानसभा चुनाव अकेले लड़ी तो उसे बस एक सीट हासिल हुई. मायावती ने आज जो कहा वो इंडिया एलायंस के लिए सेटबैक माना जाए क्या, इससे विपक्षी एकता को कितना नुकसान होगा, मायावती का एकला चलो रे का ऐलान उन्हें कितना लाभ पहुंचाएगा,अपर कास्ट वोट का नाम लेकर मायावती क्या सियासी संदेश देना चाहती हैं? सुनिए दिन भर की पहली ख़बर में
हूती संकट आपको भारी पड़ेगा!
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सालाना बैठक आज से स्विटजरलैंड के दावोस में शुरू हुई. ये 19 जनवरी तक चलेगी. युद्ध और संकटों से बिखरती दुनिया को ध्यान में रखते हुए फोरम की थीम 'रिबिल्डिंग ट्रस्ट' (विश्वास का पुनर्निर्माण) रखी गई है. इसमें वर्ल्ड बैंक के ग्रुप प्रेसिडेंट अजय बंगा, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिनकेन, माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्य नडेला, स्टैंडर्ड चार्टर्ड के CEO बिल विंटर्स समेत दुनियाभर के 60 देशों के लीडर और बिजनेसमैन शामिल हो रहे हैं. भारतीय डेलीगेशन में तीन केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, अश्विनी वैष्णव और हरदीप सिंह पुरी के साथ तीन मुख्यमंत्री महाराष्ट्र के एकनाथ शिंदे, तेलंगाना के रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के सिद्धारमैया भी शामिल हैं.

असम के बिजनी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उम्मीदवार नहीं उतारने के फैसले के विरोध में पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की. गुस्साए कार्यकर्ताओं ने दफ्तर का सामान क्षतिग्रस्त किया और गायक जुबीन गर्ग की तस्वीर पर भी हमला किया. घटना के बाद आलोचना तेज हो गई है. मामले में कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई, जबकि पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया अभी नहीं आई है.

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मुंबई इंडियंस की कप्तानी को लेकर नई बहस छिड़ गई है. श्रीकांत ने सलाह दी है कि हार्दिक पंड्या कप्तानी छोड़कर सूर्यकुमार यादव को मौका दें. वर्ल्ड कप जीत के बाद सूर्या की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है. उन्होंने इसको लेकर कई तर्क भी दिए हैं. बता दें कि हार्दिक को गुजरात से लाकर मुंबई की कप्तानी दी गई थी.

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