
'महात्मा गांधी की विरासत को है खतरा', CWC बैठक में सोनिया गांधी का संदेश
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कर्नाटक के बेलगावी में गुरुवार को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में साल 2025 के लिए राजनीतिक और चुनावी चुनौतियों के लिए एक योजना तैयार की गई है और महात्मा गांधी की विरासत की रक्षा करने का भी संकल्प लिया है.
महात्मा गांधी के कांग्रेस के अध्यक्ष पद संभालने की 100वीं वर्षगांठ के मौके पर पार्टी ने कर्नाटक के बेलगावी में गुरुवार को कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में साल 2025 के लिए राजनीतिक और चुनावी चुनौतियों के लिए एक योजना तैयार की गई है और महात्मा गांधी की विरासत की रक्षा करने का भी संकल्प लिया है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व पार्टी प्रमुख राहुल गांधी समेत शीर्ष नेताओं ने बैठक में भाग लिया. इस बैठक में आने वाली चुनौतियों को लेकर तैयार रहने के लिए कार्य योजना पर फैसला किया जाएगा. ऐतिहासिक संदर्भों से ओत-प्रोत यह बैठक उसी स्थान पर शुरू हुई, जहां 100 साल पहले महात्मा गांधी ने पार्टी की अध्यक्षता संभाली थी.
सोनिया गांधी ने दिया संदेश
बैठक में कांग्रेस की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने नेताओं को संदेश देते हुए कहा कि देश में महात्मा गांधी की विरासत को सत्ता पर बैठे लोगों से खतरे है. इन संगठनों ने कभी भी हमारी आज़ादी के लिए लड़ाई नहीं लड़ी. उन्होंने गांधी का विरोध किया. उन्होंने एक जहरीला माहौल बनाया, जिसके कारण उनकी हत्या हुई. वे उसके हत्यारों का महिमामंडन करते हैं.
उन्होंने कहा कि देश भर में विभिन्न स्थानों पर गांधीवादी संस्थानों पर हमले हो रहे हैं. इसलिए यह भी उचित है कि इस बैठक को नवसत्याग्रह बैठक कहा जाए. उन्होंने बैठक में शामिल न होने पर खेद जताते हुए कहा कि मुझे खेद है, मैं इस ऐतिहासिक अवसर पर आप सबके बीच उपस्थित नहीं हो सकी.
वहीं, 1924 के कांग्रेस अधिवेशन की शताब्दी मनाने के लिए पार्टी द्वारा प्रदर्शित पोस्टरों पर भारत के मानचित्र की कथित गलत प्रस्तुति पर विवाद छिड़ गया है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे "वोट बैंक" की राजनीति करार दिया है.

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