
मणिपुर पत्रकार संगठन का राज्य सरकार से आग्रह, म्यांमार से भागकर आए पत्रकारों को सुरक्षा दें
The Wire
ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन ने मिजिमा न्यूज़ म्यांमार से जुड़े तीन पत्रकारों को नई दिल्ली में शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने की अपील की है. म्यांमार में सैन्य तख़्तापलट के बाद तीनों पत्रकारों ने मणिपुर के सीमावर्ती शहर मोरेह में शरण ली है.
इम्फालः ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन (एएमडब्ल्यूजेयू) ने राज्य सरकार से मिजिमा न्यूज म्यांमार से जुड़े तीन पत्रकारों को नई दिल्ली स्थित शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने की अपील की है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एएमडब्ल्यूजेयू के अध्यक्ष बिजॉय काकचिंगताबम ने जारी बयान में कहा कि तीनों पत्रकारों ने कथित तौर पर अपना देश छोड़कर मणिपुर के सीमावर्ती शहर मोरेह में शरण ली है. काकचिंगताबम ने कहा, ‘एक पत्रकार संगठन के तौर पर हम विशेष रूप से उस देश में मीडिया और मीडियाकर्मियों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं.’ उन्होंने राज्य सरकार से उन्हें पत्रकारों के तौर पर सम्मान देने और नई दिल्ले जाने का मार्ग प्रशस्त करने को कहा, जहां वे शरणार्थियों के अंतरराष्ट्रीय समझौते के तहत आधिकारिक शरणार्थी दर्जे की मांग कर सकते हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर ईरान के साथ युद्ध को लेकर अलग-अलग रुख पर खड़े दिखाई दे रहे हैं. ब्रिटिश टैब्लॉयड द सन को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका-ब्रिटेन सबसे मजबूत रिश्तों में से एक था. यह देखकर दुख होता है कि यह रिश्ता अब पहले जैसा नहीं रहा.

अमेरिका और इज़रायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या की भारत के विपक्षी दलों ने कड़ी निंदा की है. विपक्ष ने केंद्र सरकार की विदेश नीति की भी आलोचना करते हुए कहा कि लंबे समय से ‘मित्र’ रहे ईरान पर थोपे गए युद्ध को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया भारत के मूल्यों, सिद्धांतों और हितों के साथ ‘विश्वासघात’ है.







