
अमेरिका-इज़रायल द्वारा ईरान पर हमलों का चौथा दिन: ट्रंप बोले- 4-5 हफ्ते से आगे भी जारी रख सकते हैं अभियान
The Wire
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़रायल के साथ मिलकर ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध में उतरने के अपने प्रशासन के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम तेज़ी से बढ़ रहा है और इससे अमेरिका तथा विदेशों में तैनात हमारी सेनाओं के लिए स्पष्ट और बड़ा ख़तरा पैदा हो रहा है.
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में अमेरिका और इज़रायल के ईरान पर हमलों से भड़का संघर्ष और तेज़ होता जा रहा है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका में ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियानों को निर्धारित चार से पांच सप्ताह की समयसीमा से भी ‘काफी अधिक समय तक’ जारी रखने की क्षमता है.
अल ज़जीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को ह्वाइट हाउस से बोलते हुए ट्रंप ने इज़रायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ युद्ध में उतरने के अपने प्रशासन के फैसले का बचाव किया. उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका के लिए ‘गंभीर खतरा’ है. साथ ही उन्होंने फिर दावा किया कि पिछले वर्ष जून में अमेरिका द्वारा किए गए हमलों से ‘ईरान के परमाणु कार्यक्रम का पूर्ण विनाश‘ हो गया था.
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम तेजी और नाटकीय ढंग से बढ़ रहा है’ और इससे ‘अमेरिका तथा विदेशों में तैनात हमारी सेनाओं के लिए स्पष्ट और बड़ा खतरा’ पैदा हो रहा है.
उन्होंने कहा, ‘उस शासन के पास पहले से ही ऐसी मिसाइलें थीं जो यूरोप और हमारे स्थानीय व विदेशी ठिकानों तक पहुंच सकती थीं, और जल्द ही उनके पास ऐसी मिसाइलें होतीं जो हमारे खूबसूरत अमेरिका तक पहुंच सकती थीं.’ यह दावा उनके प्रशासन द्वारा बार-बार किया गया है, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इसके समर्थन में कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है.
ट्रंप के ये बयान महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, क्योंकि वे इस दावे से कुछ हटते दिखे कि ईरान वर्तमान में एक खतरा था. इसके बजाय उन्होंने ईरानी सरकार को संभावित रूप से दीर्घकालिक खतरा बताया.
ट्रंप ने कहा, ‘तेजी से बढ़ते इस मिसाइल कार्यक्रम का उद्देश्य उनके परमाणु हथियार विकास को ढाल प्रदान करना था और किसी के लिए भी उन्हें – जो हमारे द्वारा अत्यंत प्रतिबंधित हैं – बनाने से रोकना बेहद कठिन बनाना था.’
