
अमेरिका-इज़रायल के हमलों के 12 दिन बाद पहली बार पीएम मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से बात की
The Wire
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से बात कर क्षेत्रीय स्थिति, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर चिंता जताई. उधर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति और मैरिटाइम सिक्योरिटी पर दबाव बढ़ गया है.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (12 मार्च) को पश्चिम एशिया में शुरू हुए संघर्ष के 12 दिन बाद पहली बार ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से फोन पर बात की. इस बातचीत में उन्होंने क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और वस्तुओं तथा ऊर्जा आपूर्ति के निर्बाध प्रवाह को लेकर चिंता जताई.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए मोदी ने कहा कि दोनों नेताओं ने क्षेत्र की ‘गंभीर स्थिति’ पर चर्चा की, क्योंकि ईरान और अमेरिका-इज़रायल गठबंधन के बीच संघर्ष लगातार फैलता जा रहा है.
उन्होंने कहा कि उन्होंने तनाव बढ़ने, नागरिकों की मौत और नागरिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की.
मोदी ने यह भी कहा कि ‘भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और वस्तुओं तथा ऊर्जा की निर्बाध आवाजाही भारत की सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं.’ उन्होंने शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान का आग्रह किया.
यह बातचीत 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद भारत और ईरान के शीर्ष नेतृत्व के बीच पहली सीधी बातचीत है. इससे कुछ दिन पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 9 मार्च को संसद में कहा था कि संकट के दौरान ईरानी नेतृत्व से संपर्क करना मुश्किल हो रहा है.
उन्होंने कहा था, ‘कोशिशें की गई हैं, लेकिन इस समय ईरान के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क करना स्पष्ट रूप से कठिन है.’
