
ईरान पर हमलों का 11वां दिन: तेल की क़ीमत दोगुनी, लेबनान में सात लाख विस्थापित; क्षेत्रीय संकट गहराया
The Wire
ईरान पर अमेरिका और इज़रायल के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में जारी युद्ध 11वें दिन और गंभीर हो गया है. तेल की क़ीमतें दोगुनी होने, बड़े पैमाने पर विस्थापन, नए सैन्य हमलों और आस-पास के देशों की सुरक्षा तैयारियों के बीच आर्थिक और मानवीय संकट गहराता जा रहा है.
नई दिल्ली: 28 फरवरी से ईरान पर अमेरिका और इज़रायल द्वारा शुरू किए गए सैन्य हमलों के बाद पश्चिम एशिया में जारी युद्ध अब 11वें दिन में पहुंच गया है. इस संघर्ष का असर केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, तेल की कीमतों और आम लोगों की जिंदगी पर भी गंभीर असर पड़ रहा है.
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास ने कहा है कि इस युद्ध के कारण तेल की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं. उनका आरोप है कि अमेरिका ईरान के तेल और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने की योजना बना रहा है, हालांकि उन्होंने कहा कि ईरान हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है.
ओमान की चेतावनी
क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ओमान ने समुद्र में जाने वाले जहाजों और नाविकों को चेतावनी जारी की है. ओमान ने कहा है कि इस समय जीपीएस नेविगेशन सिस्टम में हस्तक्षेप या सिग्नल बाधित होने का खतरा हो सकता है, इसलिए नाविकों को केवल जीपीएस पर निर्भर नहीं रहना चाहिए.
सरकार ने सलाह दी है कि समुद्र में लंबी दूरी तय करने से पहले वैकल्पिक नेविगेशन साधन साथ रखें और आवश्यकता पड़ने पर पारंपरिक चुंबकीय कंपास का इस्तेमाल करें. ओमान की यह चेतावनी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वह स्ट्रीट ऑफ होर्मुज (समुद्री मार्ग) और उत्तरी अरब सागर के पास स्थित है, जो दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक है.
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