
ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमलों का छठा दिन: अमेरिकी सीनेट ने हमले रोकने वाले बिल को ख़ारिज किया
The Wire
अमेरिकी सीनेट ने ईरान पर हमलों को रोकने के लिए लाए गए वार पावर्स रेजोल्यूशन को ख़ारिज कर दिया. इसका विरोध करने वालों ने तर्क दिया कि ट्रंप की कार्रवाई वैध है और सेना के सर्वोच्च कमांडर के रूप में उन्हें सीमित सैन्य हमले करने का अधिकार है.
नई दिल्ली: अमेरिका-इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों से पैदा हुए संकट के छठे दिन अमेरिकी सीनेट ने हमलों को रोकने के लिए लाए गए एक विधेयक को खारिज कर दिया.
सीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, सीनेट ने 53–47 मतों से उस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया, जो ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए कांग्रेस की मंजूरी अनिवार्य करना चाहता था.
डेमोक्रेट और कुछ रिपब्लिकन सदस्यों द्वारा लाया गया यह ‘वार पावर्स रेजोल्यूशन’ राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा बार-बार विदेशों में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती को सीमित करने का प्रयास था.
प्रस्ताव का विरोध करने वालों ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि ट्रंप की कार्रवाई वैध है और सेना के सर्वोच्च कमांडर के रूप में उन्हें सीमित सैन्य हमले करने का अधिकार है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रस्ताव का समर्थन करने वाले अमेरिकी सैनिकों को खतरे में डाल रहे हैं.
अल ज़जीरा की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव के समर्थकों का कहना है कि ट्रंप ने इज़रायल के साथ मिलकर युद्ध शुरू करके अपनी संवैधानिक सीमाओं को पार कर दिया. अमेरिकी संविधान के अनुच्छेद-2 के अनुसार राष्ट्रपति केवल तत्काल खतरे की स्थिति में आत्मरक्षा के तहत हमला कर सकते हैं; अन्यथा युद्ध की घोषणा करने का अधिकार केवल कांग्रेस के पास है.
