
ईरान के साथ युद्ध से अमेरिका-ब्रिटेन संबंधों में तनाव, स्टार्मर और ट्रंप में मतभेद
The Wire
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर ईरान के साथ युद्ध को लेकर अलग-अलग रुख पर खड़े दिखाई दे रहे हैं. ब्रिटिश टैब्लॉयड द सन को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका-ब्रिटेन सबसे मजबूत रिश्तों में से एक था. यह देखकर दुख होता है कि यह रिश्ता अब पहले जैसा नहीं रहा.
लंदन: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने सार्वजनिक रूप से कभी भी डोनाल्ड ट्रंप के बारे में कोई खराब टिप्पणी नहीं की है. लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप उनकी इस नीति का जवाब उसी तरह से नहीं दे रहे हैं. ट्रंप ने ईरान पर अमेरिका-इज़रायल के हमलों में शामिल होने को लेकर हिचक दिखाने पर स्टार्मर की आलोचना की है.
इस विवाद ने दोनों देशों के रिश्तों में तनाव पैदा कर दिया है. स्टार्मर ने इन संबंधों को मजबूत करने के लिए काफी कोशिश की थी, लेकिन ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को लेन-देन के नजरिए से देखने के कारण पहले से ही रिश्तों में खिंचाव रहा है.
ब्रिटिश टैब्लॉयड द सन को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, ‘यह सबसे मजबूत रिश्तों में से एक था. अब हमारे यूरोप के कई दूसरे देशों के साथ बहुत मजबूत संबंध हैं.’
उन्होंने कहा, ‘फ्रांस बहुत अच्छा रहा है. सभी देश अच्छे रहे हैं, लेकिन ब्रिटेन बाकी देशों से काफी अलग रहा है.’
ट्रंप ने कहा, ‘यह देखकर दुख होता है कि यह रिश्ता अब पहले जैसा नहीं रहा.’
ईरान पर शनिवार (28 फ़रवरी) से शुरू हुए अमेरिकी हमलों के लिए स्टार्मर ने शुरुआत में अमेरिकी विमानों को ब्रिटिश सैन्य अड्डों का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी थी. बाद में उन्होंने अमेरिका को इंग्लैंड और हिंद महासागर स्थित डिएगो गार्सिया के अड्डों का उपयोग कर ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और उनके भंडारण स्थलों पर हमला करने की अनुमति दी, लेकिन अन्य लक्ष्यों को निशाना बनाने की मंजूरी नहीं दी.
