
ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमले का 25वां दिन: ट्रंप के ‘शांति वार्ता’ के दावे को तेहरान ने बताया फेक न्यूज़
The Wire
ईरान पर अमेरिका और इज़रायल के हमलों के 25वें दिन तनाव और बढ़ गया है. ट्रंप के शांति वार्ता के दावे को ईरान ने फेक न्यूज बताया है. दोनों पक्षों के हमले जारी हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता, तेल बाजार और वैश्विक सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं.
नई दिल्ली: ईरान पर अमेरिका और इज़रायल के हमलों के 25वें दिन भी पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बजाय और गहरा गया है. एक ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते की बातचीत का दावा किया है, वहीं तेहरान ने इसे सिरे से खारिज करते हुए ‘फेक न्यूज़’ बताया है.
अल-जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि ईरान ‘इस बार समझौता करना चाहता है’, लेकिन ईरान की संसद के स्पीकर ने इन दावों को वित्तीय और तेल बाजारों को प्रभावित करने की कोशिश बताया. इन बयानों के बीच अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले पांच दिन टालने की बात कही, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में करीब 11% की गिरावट दर्ज की गई. हालांकि, इसके बावजूद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि ईरान में सैन्य कार्रवाई ‘आक्रामक तरीके से जारी’ है.
इसी दौरान ईरान की ओर से भी जवाबी हमले तेज रहे. रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी मिसाइलों और ड्रोन ने खाड़ी के कई देशों, जैसे- सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत, को निशाना बनाया. सऊदी अरब ने एक ही रात में 20 से अधिक ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है, जबकि बहरीन और कुवैत में अलर्ट सायरन बजाए गए.
इज़रायल ने भी लेबनान में अपने हमले तेज कर दिए हैं. बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर हुए हमलों में कई लोगों की मौत हुई है. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च से अब तक वहां 1,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों घायल हुए हैं, जबकि लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं.
ईरान के भीतर भी हालात गंभीर हैं. इस्फहान और खोर्रमशहर जैसे क्षेत्रों में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों की खबरें हैं. ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी के बाद से अब तक 1,500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 18,000 से ज्यादा घायल हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं.
दूसरी ओर, इज़रायल में भी ईरानी हमलों में 18 लोगों की मौत और 3,700 से अधिक के घायल होने की खबर है. अमेरिकी सेना ने क्षेत्र में अपने 13 सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर ईरान के साथ युद्ध को लेकर अलग-अलग रुख पर खड़े दिखाई दे रहे हैं. ब्रिटिश टैब्लॉयड द सन को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका-ब्रिटेन सबसे मजबूत रिश्तों में से एक था. यह देखकर दुख होता है कि यह रिश्ता अब पहले जैसा नहीं रहा.

अमेरिका और इज़रायल के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या की भारत के विपक्षी दलों ने कड़ी निंदा की है. विपक्ष ने केंद्र सरकार की विदेश नीति की भी आलोचना करते हुए कहा कि लंबे समय से ‘मित्र’ रहे ईरान पर थोपे गए युद्ध को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया भारत के मूल्यों, सिद्धांतों और हितों के साथ ‘विश्वासघात’ है.






