
भारत में ट्रेंड कर रहा 'Trump 214' जबकि पाकिस्तान में 'Trump 230'... क्या है इनका मतलब?
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अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी गहमा-गहमी बनी हुई है. ऐसे में 'Trump 230' और 'Trump 214' काफी ट्रेंड कर रहा है. जानते हैं इनका मतलब क्या है.
US President Election Result: अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग शुरू है. इसमें शुरू से डोनाल्ड ट्रंप बढ़त बनाए हुए हैं. वहां की जो चुनाव प्रणाली है, उसके तहत जीत के लिए उम्मीदवार को 270 इलेक्ट्रोरल कॉलेज वोट की जरूरत होती है.
ऐसे में जब रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने बढ़त बनानी शुरू की तो सोशल मीडिया पर 'Trump 214' ट्रेंड होने लगा. इसका मतलब ये था कि ट्रंप को सिर्फ 214 इलेक्ट्रोरल कॉलेज वोट मिलने वाले हैं या मिलेंगे या मिल चुके हैं. इस हैशटैग के साथ ट्रंप के सपोर्ट और विरोध में पोस्ट हो रहे थे. खासकर 'Trump 214' भारत में काफी ट्रेंड कर रहा था.
शुरुआत में 'Trump 214' कर रहा था ट्रेंड जब डोनाल्ड ट्रंप 214 इलेक्ट्रोरल वोट के साथ आगे चल रहे थे तो 'Trump 214' काफी ट्रेंड करता रहा. उस वक्त तक कमला हैरिस को सिर्फ 179 वोट मिले थे. इसके बाद ट्रंप ने 214 के अंकड़े को भी पार कर लिया. तब 'Trump 230' ट्रेंड करने लगा.
सोशल मीडिया पर क्या है 'Trump 230' एक्स पर अब 'Trump 230' काफी ट्रेंड कर रहा है. अभी हर तरफ यही छाया हुआ है. क्योंकि ट्रंप को अब 230 कॉलेज वोट मिल चुके हैं. पाकिस्तान में भी 'Trump 230' ट्रेंड कर रहा था. हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप अभी भी मैजिक नंबर से काफी दूर हैं. जीत के लिए 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोट की जरूरत है.
कमला ने भी चौंकाया अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार कमला हैरिस भी चौंकाने लगी हैं. उन्होंने अब तक 214 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हासिल कर लिए हैं. ऐसे में अब मुकाबला कांटे का होने जा रहा है. इसके बावजूद यूजर्स 'Trump 230' के साथ एक्स सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
जान लें क्या होता है इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की जो व्यवस्था है, उसके तहत दो तरह से वोटिंग होती है. एक होता है पॉपुलर वोट, जो सीधे जनता का दिया मत होता है. वहीं दूसरा होता है इलेक्ट्रोरल वोट, ये प्रत्येक स्टेट्स के प्रतिनिधियों के द्वारा दिया जाता है. अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव इलेक्ट्रोरल वोट से ही होता है, इसलिए पॉपुलर वोट में जीत दर्ज करने के बाद भी कोई उम्मीदवार राष्ट्रपति नहीं बन सकता, यदि उसे जरूरी इलेक्ट्रोरल वोट नहीं मिले हो.

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