
भारत के ये 17 पावरफुल हथियार, टू-फ्रंट वॉर के हालात में चीन-PAK की अकड़ करेंगे ढीली
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चीन और पाकिस्तान अगर एकसाथ भारत के खिलाफ जंग छेड़ते हैं, तो भारतीय सेनाएं कहीं से कमजोर नहीं पड़ेंगी. हमारे पास 17 ऐसे हथियार हैं, जिनकी ताकत से पाकिस्तान और चीन, दोनों को ही डर लगता है. टू-फ्रंट वॉर की स्थिति में ये हथियार ही भारत के माथे पर विजय तिलक लगाएंगे. आइए जानते हैं इनकी ताकत को...
अब भारतीय सेनाएं 40-50 साल पुरानी स्थिति में नहीं है. जमीन हो, पहाड़ हो, रेगिस्तान हो, आसमान हो, अंतरिक्ष हो या समुद्र, हर तरफ हमारे हथियार कहर बरपा सकते हैं. हम अपने तोपों से दुश्मन का सीना छलनी कर सकते हैं. तो मिसाइलों से जमीन, जल, हवा और अंतरिक्ष में प्रलय ला सकते हैं. चीन और पाकिस्तान एकसाथ भी हमला करते हैं तो भारत की तीनों सेनाओं के पास कुछ ऐसे हथियार हैं, जो दोनों दुश्मन देशों की हालत पस्त कर सकते हैं. उनकी अकड़ ढीली कर सकते हैं. इन हथियारों की वजह से चीन और पाकिस्तान बड़ा हमला करने की नहीं सोच सकते.
टू-फ्रंट वॉर में चीन और पाकिस्तान की हर कुटिल चाल का सिरफोड़ जवाब देने के लिए भारतीय मिलिट्री तैयार है. पाकिस्तान ऐसे हमला नहीं करेगा. उसे चीन के हमले का इंतजार रहेगा. क्योंकि उसे पता है भारत के पास ज्यादा बेहतर हथियार हैं. भारत के वो कौन से हथियार हैं, जो LAC और LOC के पास तैनात हैं. कौन से ऐसे हथियार हैं, जो लंबी दूरी से ही चीन-पाकिस्तान में तबाही मचा सकते हैं.
अंतरिक्ष का ब्रह्मास्त्र ASAT
भारत के पास एंटी-सैटेलाइट मिसाइल के लिए पृथ्वी एयर डिफेंस (पैड) सिस्टम है. इसे प्रद्युम्न बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर भी कहते हैं. यह एक्सो-एटमॉसफियरिक (पृथ्वी के वातावरण से बाहर) और एंडो-एटमॉसफियरिक (पृथ्वी के वातावरण से अंदर) के टारगेट पर हमला करने में सक्षम हैं. हमारे वैज्ञानिकों ने पुराने मिसाइल सिस्टम को अपग्रेड किया है. उसमें नए एलीमेंट जोड़े हैं. इसका मतलब ये है कि पहले से मौजूद पैड सिस्टम को अपग्रेड कर तीन स्टेज वाला इंटरसेप्टर मिसाइल बनाया गया. फिर मिशन शक्ति के परीक्षण में उसी का मिसाइल का इस्तेमाल किया गया.
भारतीय ASAT मिसाइल की रेंज 2000 किमी है. यह 1470 से 6126 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से सैटेलाइट की तरफ बढ़ती है. हालांकि, बाद में इसे अपग्रेड कर ज्यादा ताकतवर और घातक बनाया जा सकता है. डीआरडीओ ने बैलिस्टिक इंटरसेप्टर मिसाइल के जरिए 300 किमी की ऊंचाई पर मौजूद उपग्रह को मार गिराया.
प्रलय मिसाइल (Pralay Missile)

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