
'भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन', ब्रिटिश डिप्लोमैट के PoK जाने पर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
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भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं और रहेंगे. पाकिस्तान में ब्रिटेन की राजदूत की पीओके यात्रा भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ और अस्वीकार्य है.
पाकिस्तान में ब्रिटेन की राजदूत जेन मेरियट की पीओके यात्रा पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए मेरियट के इस कदम को भारत की संप्रुभता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया है.
भारतीय विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बयान जारी करते हुए कहा, "10 जनवरी 2024 को ब्रिटिश विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के साथ ब्रिटेन की राजदूत की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यात्रा को भारत ने गंभीरता से लिया है. जेन मेरियट का यह कदम भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ है, जो अस्वीकार्य है. केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं और रहेंगे. विदेश सचिव ने इस पर भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है."
India protests visit of British High Commissioner in Islamabad to Pakistan occupied Kashmir:https://t.co/vd4WqODznI pic.twitter.com/sYwkMUjAkr
पाकिस्तान में ब्रिटेन की राजदूत जेन मेरियट ने 10 जनवरी को पीओके का दौरा किया था. इस दौरान मेरियट ने कई सरकारी अधिकारियों से मुलाकात भी की थी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने दौरों की तस्वीरें पोस्ट करते हुए मेरियट ने लिखा था, ''ब्रिटेन के दिल और पाकिस्तान के लोगों के बीच आपसी संबंधों के केंद्र मीरपुर से सलाम. 70 प्रतिशत ब्रिटिश पाकिस्तानी मूल रूप से मीरपुर से हैं. हमारा मिलकर काम करना प्रवासी हितों के लिए महत्वपूर्ण है. खातिरदारी करने के लिए धन्यवाद."

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