
बजट 2023 के वो 13 ऐलान जो बीजेपी के लिए 2024 में बन सकते हैं सत्ता की सीढ़ी
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मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्णकालिक बजट केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया. मोदी सरकार ने 2023 के बजट के जरिए 2024 के चुनावी समीकरण को साधने का बड़ा दांव चला है, जिसके मद्दनेजर किसान, महिला, बुजुर्ग, आदिवासी और युवाओं पर खास फोकस किया है. ऐसे में देखना है कि क्या यह बजट बीजेपी को सत्ता की सिंहासन तक तीसरी बार पहुंचा पाएगा?
मोदी सरकार ने बुधवार को करीब 45 लाख करोड़ का बजट पेश किया. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमृत काल का पहला बजट बताते हुए कहा कि आजादी के 100 साल बाद भारत की परिकल्पना का बजट है. मोदी सरकार ने अपने कोर वोटबैंक बने महिला, लाभार्थी, किसान और मिडिल क्लास पर फोकस रखते हुए बजट तैयार किया है.मोदी सरकार का बजट पूरी तरह से चुनावी बजट नजर आ रहा है, जिसके जरिए समाज के सभी वर्ग को साधने की कवायद की गई है.
दरअसल, किसान, ग्रामीण, नौजवान, गरीब, महिलाएं, बुजुर्ग, दलित, पिछड़े, अति-पिछड़े, आदिवासी, सरकारी कर्मचारी, छोटे-बड़े व्यापारी, बड़े-छोटे उद्योगपति. ऐसे कई वर्ग हैं जिन्हें वोटबैंक की तरह देखा जाता है. स्वाभाविक रूप से चुनाव से पहले मोदी सरकार ने इन सभी वर्ग को आम बजट के लिए जरिए खुश करने की कवायद की है ताकि सत्ता की हैट्रिक लगा सके. इतना ही नहीं 2023 में होने वाले 9 राज्यों की चुनावी जंग को पार्टी फतह कर सके?
लोकसभा चुनाव में सिर्फ एक साल का वक्त बाकी है जबकि 9 राज्यों खासकर मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और कर्नाटक में इसी साल चुनाव है. ये विधानसभा चुनाव साल 2024 के लिए सेमीफाइनल से कम नहीं है. ऐसे में यह बजट चुनावी बजट माना जा रहा है, जो बीजेपी के वोट बैंकों के लिए तोहफे से भरा हुआ है. मोदी सरकार ने गरीबों को पांच किलो फ्री राशन को एक साल तक के लिए बढ़ाकर बड़ा दांव चला है, जो लोकसभा चुनाव तक जारी रहेगा. इतना ही नहीं किसानों के लिए सौगात दी है तो मिडिल क्लास को नए टैक्स स्लैब में छूट दी गई है.
1. गरीबों पर मेहरबान
मोदी सरकार ने गरीब वर्ग के लिए अपने खजाने की तिजोरी खोल दी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नई टैक्स रिजीम में टैक्स छूट की 5 लाख की सालान आय की सीमा बढ़ाकर 7 लाख कर दी गई है. अब साल में 7 लाख रुपये तक की कमाई करने वालों को इनकम टैक्स नहीं देना होगा. मान लीजिए आपकी आय नौ लाख रुपये है। ऐसे में आपको कुल 45 हजार रुपये टैक्स देना पड़ेगा. इसके अलावा जेल में बंद गरीब कैदी जो पैसों की तंगी के चलते अपनी बेल नहीं ले पाते हैं, उनका खर्च सरकार उठाएगी. ऐसे करीब दो लाख कैदी हैं, जिनकी सजा पूरी हो चुकी है, लेकिन रिहाई के लिए तय की गई रकम न होने से वह जेल में ही बंद रहते हैं. अब ऐसे गरीबों की मदद के लिए सरकार ने हाथ आगे बढ़ाया है. इस तरह से 2024 के लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार ने गरीब मतदाताओं को साधने का बड़ा दांव चला है.
2. सस्ता घर

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